-INDIA को लेकर मोदी सरकार पर आक्रमक हुए मणिशंकर अय्यर, सनातन धर्म के सवाल पर क्यों साध ली चुप्पी
नई दिल्ली।सम्वाददाता।
देश का नाम आधिकारिक तौर पर इंडिया का नाम बदलकर भारत (BHARAT) करने की मांग तेज हो रही है। पिछले कुछ दिनों से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा तक ने इंडिया की जगह भारत शब्द का इस्तेमाल करना की पैरवी की है।
वहीं, मंगलवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि राष्ट्रपति भवन में 9 सितंबर को होने वाले G20 के डिनर के निमंत्रण पत्र में प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा है।
वहीं, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा,”रिपब्लिक ऑफ भारत खुश और गौरवान्वित है कि हमारी सभ्यता साहसपूर्वक अमृत काल की ओर आगे बढ़ रही है”
कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी संसद के विशेष सत्र में संविधान में लिखे शब्द इंडिया को बदलकर भारत करने से जुड़े विधेयक को पेश किया जा सकता है। इस मामले पर कांग्रेस नेताओं द्वारा लगातार मोदी सरकार के खिलाफ टिप्पणी की जा रही है।
वहीं, ये सवाल जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर से पूछा गया कि मोदी सरकार संविधान संशोधित करते हुए इंडिया का नाम बदल रहे हैं तो उन्होंने कहा, वो लोग(भाजपा) आई.एन.डी.आई.ए. गठबंधन से डर गए हैं। हमारे संविधान में लिखा है, इंडिया जिसका मतलब भारत है।”

सनातन धर्म के मामले पर मौन साध गए मणिशंकर अय्यर
इसके बाद जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म के खिलाफ दी गई टिप्पणी पर उनसे सवाल पूछा तो उन्होंने इस सवाल पर बिल्कुल चुप्पी साध ली। बता दें कि उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना महामारी से की, जिसके बाद सियासी हंगामा खड़ा हो चुका है।
अमित शाह से लेकर जेपी नड्डा तक ने डीएमके नेता के जरिए आई.एन.डी.आई.ए. गठबंधन पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया है।










