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पताही में मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप, दो की मौत; पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

-पताही में मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप, दो की मौत; पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

मोतिहारी, राजन द्विवेदी। पूर्वी चंपारण के पताही थाना क्षेत्र के जिहुली गांव में भैंस नहलाने के दौरान पानी गिरने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। चाकू से हुए हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें दो की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान जमी अख्तर और मदीना खातून के रूप में हुई है, जबकि मसीह अख्तर गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार, सुबह भैंस नहलाने के दौरान पानी गिरने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पाइप लगाने की सलाह देते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। आरोप है कि शाम में दोबारा कुछ लोग मौके पर पहुंचे और विवाद बढ़ गया। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में दो घायलों की मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब सुबह ही विवाद की सूचना पुलिस को मिल गई थी तो मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के बीच विवाद को पूरी तरह खत्म कराने की पहल क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती तो शाम को विवाद खूनी संघर्ष में बदलने से रोका जा सकता था।

इस घटना ने दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक जमी अख्तर मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण करते थे। वहीं मृतका मदीना खातून के पांच बच्चे बताए जा रहे हैं। दोनों की मौत के बाद परिवार के बच्चों के सिर से सहारा छिन गया है।

घटना के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम, घटनास्थल से साक्ष्य संकलन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। चाकू की बरामदगी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

फिलहाल पुलिस घायल मसीह अख्तर के बयान का इंतजार कर रही है। पुलिस का मानना है कि उनका बयान घटना के पूरे घटनाक्रम और हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

घटना के बाद ग्रामीणों की नजर अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है। पुलिस का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।