-शोधार्थियों के लिए बड़ा मौका,विवि के शिक्षक-शोधार्थी भेज सकेंगे रिसर्च प्रपोजल
मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय समेत बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए शोध के क्षेत्र में वित्तीय सहायता पाने का अवसर आया है। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की मेजर और माइनर रिसर्च प्रोजेक्ट्स योजना 2026-27 के तहत शिक्षक और शोधार्थी अपने शोध प्रस्ताव भेज सकेंगे।
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत आईसीएसएसआर सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए शोध परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इस योजना के माध्यम से शोधार्थियों और शिक्षकों को अपने महत्वपूर्ण शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।

इस संबंध में बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद की ओर से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है। निर्देश के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षक और शोधार्थी योजना के तहत अपने शोध प्रस्ताव तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भेज सकेंगे।
मेजर और माइनर रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से सामाजिक विज्ञान के विभिन्न विषयों में शोध कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ नए शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के शिक्षक और शोधार्थी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक शिक्षक एवं शोधार्थियों को प्रस्ताव तैयार करते समय योजना से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों और पात्रता मानकों का पालन करना होगा। शोध प्रस्तावों का चयन संबंधित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा और स्वीकृत परियोजनाओं को नियमानुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह की शोध परियोजनाओं से विश्वविद्यालयों में शोध का माहौल मजबूत होगा और सामाजिक विज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर नए एवं उपयोगी अध्ययन सामने आ सकेंगे।












