-नेपाल की भोटेकोशी नदी में फ्लैश फ्लड से तबाही के बाद बिहार में भी सतर्कता की जरूरत
मुजफ्फरपुर। नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच अब इसके पानी का असर बिहार में पड़ने की आशंका से चिंता बढ़ गई है। राज्य के कई जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। खासकर निचले इलाकों और नदियों के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और अचानक बढ़े जलप्रवाह का असर बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है। कोसी और गंडक समेत अन्य नदियों के जलस्तर में रातों-रात तेजी से वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को लगातार स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से प्रशासन की ओर से अपील की जा रही है कि वे बाढ़ की स्थिति गंभीर होने का इंतजार न करें और जलस्तर बढ़ने या प्रशासनिक निर्देश मिलने पर तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर चले जाएं। लोगों को अफवाहों से बचने तथा केवल प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को घबराने के बजाय सावधानी से काम लेने की जरूरत है। परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ रखें और मोबाइल फोन को चार्ज रखने के साथ जरूरी संपर्क नंबर अपने पास रखें। तेज बहाव वाले पानी में पैदल चलने या वाहन लेकर निकलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जलमग्न क्षेत्रों में बिजली के खंभों, टूटे तारों और विद्युत उपकरणों से भी दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
संभावित बाढ़ को देखते हुए घर में पहले से जरूरी सामान तैयार रखना भी महत्वपूर्ण है। सुरक्षित स्थान पर जाने की नौबत आने पर पीने का पानी, सूखा भोजन, जरूरी दवाइयां, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, मोबाइल फोन, पावर बैंक, कुछ नकदी, कपड़े और बच्चों एवं बुजुर्गों की जरूरत का सामान साथ रखना चाहिए। आधार, पहचान पत्र, बैंक संबंधी कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को प्लास्टिक या वाटरप्रूफ कवर में सुरक्षित रखना बेहतर होगा।
घर से निकलने की स्थिति में यदि सुरक्षित रूप से संभव हो तो बिजली का मुख्य स्विच बंद कर देना चाहिए। पशुओं को भी पहले से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। परिवार में बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग सदस्यों को सुरक्षित निकालने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद बिहार में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सतर्क रहें, समय पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।












