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चांदी की ट्रेंडी और डिजाइनर राखियां बनीं पहली पसंद, 1000 रुपये से शुरू कीमत

-चांदी की ट्रेंडी और डिजाइनर राखियां बनीं पहली पसंद, 1000 रुपये से शुरू कीमत

मुजफ्फरपुर। रक्षाबंधन का पावन त्योहार नजदीक आते ही मुजफ्फरपुर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। इस बार बहनों के बीच भाइयों की कलाई सजाने के लिए साधारण धागे वाली राखियों के बजाय चांदी की राखियों का क्रेज देखने को मिल रहा है। शहर के आभूषण बाजारों में चांदी की ट्रेंडी, स्टाइलिश और डिजाइनर राखियों की कई वैरायटी उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।
हिंदू धर्म में चांदी को शुभ और पवित्र धातु माना जाता है। ऐसे में कई लोग चांदी की राखी को केवल रक्षाबंधन के प्रतीक के तौर पर नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम की यादगार और कीमती निशानी के रूप में भी देख रहे हैं। धागे वाली राखियों की तुलना में चांदी की राखी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और बाद में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।


युवाओं में कड़ा और ब्रेसलेट पहनने के बढ़ते चलन को देखते हुए बाजार में सिल्वर ब्रेसलेट राखियों की भी खूब मांग है। बहनें भाइयों के लिए ब्रेसलेट स्टाइल वाली चांदी की राखियां पसंद कर रही हैं। वहीं बच्चों के लिए फूल, कार्टून, बटरफ्लाई समेत कई आकर्षक डिजाइनों की राखियां उपलब्ध हैं। स्टर्लिंग सिल्वर में प्लैटिनम जैसा चमकदार लुक भी युवाओं को खासा पसंद आ रहा है।
कम बजट वाले ग्राहकों के लिए भी बाजार में कई विकल्प मौजूद हैं। चांदी की पूरी लड़ी वाली राखियों के अलावा चांदी के पेंडेंट वाली राखियां भी लोगों को पसंद आ रही हैं। इन पेंडेंट्स को लाल रंग के पवित्र सूती धागे में पिरोकर तैयार किया गया है। इन राखियों की शुरुआती कीमत करीब 1000 से 1200 रुपये के बीच बताई जा रही है।
शहर के सर्राफा व्यवसायी राजन कुमार और मयंक कुमार ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में चांदी की राखियों की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इस बार चांदी की कीमतों में तेजी का असर बिक्री पर भी पड़ा है। व्यापारियों को जितनी बिक्री की उम्मीद थी, फिलहाल उतना रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद ग्राहक बाजार पहुंच रहे हैं और अपनी पसंद तथा बजट के अनुसार चांदी की राखियों की खरीदारी कर रहे हैं।