-मुजफ्फरपुर में प्रेमी जोड़े को पेड़ से बांधकर पिटाई, पंचायत में कराई गई कथित शादी; वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिस
मुजफ्फरपुर। जिले के सकरा थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक मर्यादा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मझौलिया पंचायत के वार्ड संख्या-7 में एक प्रेमी जोड़े को ग्रामीणों द्वारा पकड़ने, पेड़ से बांधकर कथित रूप से पिटाई करने और पंचायत के बीच शादी कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव का एक युवक अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि युवक पहले से विवाहित है। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने दोनों को पकड़ लिया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए दोनों को पेड़ से बांध दिया और उनके साथ मारपीट की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के सामने दोनों का सार्वजनिक रूप से अपमान किया गया और कई लोग पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे। इसके बाद पंचायत के कथित निर्णय के आधार पर युवती की शादी उसी विवाहित युवक से करा दी गई। इस घटना ने सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि युवक पहले से शादीशुदा था, तो उसकी दूसरी शादी किस आधार पर कराई गई। कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान भीड़ या पंचायत के दबाव में नहीं, बल्कि विधिसम्मत कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। किसी व्यक्ति को बंधक बनाना, मारपीट करना या जबरन कोई फैसला लागू करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
सकरा थाना पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध था और ग्रामीणों को आशंका थी कि दोनों घर छोड़कर भागने की तैयारी में थे। इसके बाद लोगों ने दोनों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, बाद में दोनों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने ला रही है कि समाज के नाम पर भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेना और सार्वजनिक अपमान जैसी घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।













