-रविवार से जनकपुरधाम सहित पूरे मधेश में जनजीवन सामान्य, यातायात सेवाएं हुईं बहाल
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। नेपाल के जनकपुरधाम सहित मधेश प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार से जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर बस सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। जनकपुरधाम से जटही, भिट्ठा मोड़, सम्सी, वीरगंज, विराटनगर समेत अन्य प्रमुख शहरों के लिए बसों का परिचालन बहाल हो गया है। वहीं, जयनगर से जनकपुरधाम के बीच नेपाली रेल सेवा भी दोबारा शुरू कर दी गई है।
सुनसरी और गोलबाजार सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी हालात सामान्य होने लगे हैं। प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील दी है, हालांकि सुरक्षा के मद्देनज़र सेना और सुरक्षा बल अब भी लगातार गश्त कर रहे हैं। जनकपुरधाम के बाजार पूरी तरह खुल गए हैं, लेकिन बाजारों में अभी भी लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम देखी जा रही है। प्रसिद्ध जानकी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम है।

इस बीच शनिवार रात हिन्दू संघर्ष मोर्चा और नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुङ के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में हिन्दू संघर्ष मोर्चा ने नौ सूत्री मांगपत्र सौंपा। इन मांगों में तीन महीने के भीतर नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज सीमित रखने, किसी भी धार्मिक जुलूस में हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने, धार्मिक जुलूसों के मार्ग को समान रूप से निर्धारित करने, अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों को नेपाल से निष्कासित करने, वर्ष 2062-63 (विक्रम संवत) में जारी नागरिकताओं की जांच कराने तथा मदरसों से गैर-नेपाली नागरिकों को हटाने जैसी मांगें शामिल हैं।
यातायात सेवाएं बहाल होने के बाद काठमांडू, पोखरा, मुक्तिनाथ और जनकपुरधाम में फंसे सैकड़ों तीर्थयात्री एवं अन्य यात्री अपने वाहनों से भारत के लिए रवाना हो गए। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कायम रहेगी।













