-बहेड़ी थाना के खिलाफ चौथे दिन भी जारी रहा आमरण अनशन, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
दरभंगा। बहेड़ी थाना क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ ‘चिंटू सिंह’ का आमरण अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, लहेरियासराय के समीप चल रहे इस अनशन को 96 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है।
अनशनकारी का आरोप है कि अब तक जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य जांच की भी व्यवस्था नहीं कराई गई है और अनशन स्थल पर पीने के पानी तथा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
रविन्द्र नाथ सिंह ने शपथ पत्र के माध्यम से बहेड़ी थाना के थानाध्यक्ष सूरज गुप्ता और अवर निरीक्षक रौशन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि थाने में पीड़ितों की लिखित शिकायतें दर्ज नहीं की जाती हैं, संज्ञेय अपराधों में एफआईआर दर्ज करने में जानबूझकर देरी की जाती है, सरकारी कार्यों के बदले अवैध वसूली की जाती है तथा आपराधिक छवि के लोगों को संरक्षण दिया जाता है।
मिथिला विकास संगठन के संस्थापक विकाश फूल ने आरोप लगाया कि 11 जुलाई 2026 को बेनीपुर के एसडीपीओ द्वारा बिना स्थल निरीक्षण और बिना पीड़ितों का पक्ष सुने जो प्रतिवेदन तैयार किया गया, वह निष्पक्ष जांच की भावना के विपरीत है। वहीं समाजसेवी कालीचरण यादव ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों और न्याय की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलनकारियों ने मांग की है कि वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा के नेतृत्व में पत्रकारों की उपस्थिति में एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए। साथ ही जांच के दौरान बहेड़ी थाना के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक पंजी, मालखाना पंजी और अन्य सरकारी अभिलेखों की गहन जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बिना पर्याप्त साक्ष्य के तैयार किए गए प्रतिवेदनों की भी समीक्षा कर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
रविन्द्र नाथ सिंह ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित नहीं है, बल्कि आम लोगों को समय पर न्याय दिलाने, थाना व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और पुलिस व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से किया जा रहा है।
अनशन स्थल पर मिथिला विकास संगठन के संस्थापक अध्यक्ष विकाश फूल, समाजसेवी कालीचरण यादव सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।












