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बेनीबाद के टूटे पुल का दर्द: वर्षों से अधूरी उम्मीद, अब जनप्रतिनिधियों से कार्रवाई की मांग

-बेनीबाद के टूटे पुल का दर्द: वर्षों से अधूरी उम्मीद, अब जनप्रतिनिधियों से कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरपुर/गायघाट(दीपक)। बेनीबाद का पुराना पुल एक बार फिर स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। वर्षों से जर्जर और टूटा पड़ा यह पुल आज भी लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में पुल निर्माण का वादा किया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बेनीबाद बाजार की राजनीति हो या विकास की चर्चा, इसकी शुरुआत अक्सर इसी पुल से होती है। चुनावी सभाओं में नेता पुल निर्माण का भरोसा देते हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल टूटने के कारण बेनीबाद बाजार दो हिस्सों में बंट गया है। इससे आम लोगों, व्यापारियों, छात्रों और राहगीरों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का मानना है कि यदि इस पुल का निर्माण हो जाए तो बेनीबाद बाजार के विकास को नई गति मिलेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) के अलावा लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा।


स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र की विधायक कोमल सिंह से जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर शीघ्र पहल करने की अपील की है। उनका कहना है कि जब इसी मार्ग पर सियारी, पिरौछा और गायघाट पुल का निर्माण हो चुका है, तो बेनीबाद का पुल अब तक अधूरा क्यों है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पुल निर्माण की दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन का रास्ता अपनाया जाएगा।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस लंबे समय से लंबित समस्या का स्थायी समाधान निकालें, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके।