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बिहार में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि: 15 सप्ताह की गर्भवती महिला का 900 ग्राम फाइब्रॉइड दूरबीन विधि से सफल ऑपरेशन, माँ और शिशु दोनों सुरक्षित

-बिहार में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि: 15 सप्ताह की गर्भवती महिला का 900 ग्राम फाइब्रॉइड दूरबीन विधि से सफल ऑपरेशन, माँ और शिशु दोनों सुरक्षित

पटना। बिहार में महिला स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि सामने आई है। राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में 15 सप्ताह की गर्भवती महिला के गर्भाशय से करीब 900 ग्राम वजनी और 15–16 सेंटीमीटर आकार के विशाल फाइब्रॉइड (गांठ) का लैप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी (दूरबीन विधि) से सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
अस्पताल के कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. ऋतु राज ने बताया कि महिला गर्भावस्था के चौथे महीने में तेज पेट दर्द और बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थीं। अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जांच में गर्भाशय में पल रहे शिशु के साथ 15–16 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉइड पाया गया, जिसमें डीजेनरेशन शुरू हो चुका था। यह स्थिति माँ और गर्भस्थ शिशु, दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही थी।


डॉ. ऋतु राज के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान इस तरह की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, गर्भपात या गर्भाशय को नुकसान पहुंचने जैसी आशंकाएं बनी रहती हैं। ऐसे मामलों में अनुभवी सर्जिकल टीम, सटीक योजना और आधुनिक तकनीक की आवश्यकता होती है।
करीब तीन घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में 900 ग्राम वजनी फाइब्रॉइड को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। सर्जरी के दौरान रक्तस्राव न्यूनतम रहा और मरीज को केवल एक यूनिट रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पूरी गर्भावस्था सुरक्षित रही और माँ व गर्भस्थ शिशु दोनों स्वस्थ हैं।
डॉ. ऋतु राज ने गर्भवती महिलाओं को सलाह दी कि यदि गर्भावस्था के दौरान लगातार तेज पेट दर्द, बुखार या कोई अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि आधुनिक मिनिमली इनवेसिव (दूरबीन) सर्जरी तकनीक के माध्यम से अब कई जटिल परिस्थितियों का भी सुरक्षित उपचार संभव हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान इतने बड़े फाइब्रॉइड की लैप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं। इस सफल ऑपरेशन को बिहार में महिला स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।