-मुजफ्फरपुर में पल्स पोलियो अभियान की सख्त निगरानी, बिना दवा पिलाए मार्किंग करने पर होगी
मुजफ्फरपुर। जिले में पल्स पोलियो कार्रवाई को पूरी तरह सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अब यदि किसी घर में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाए बिना दीवार या दरवाजे पर मार्किंग किए जाने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मी या पूरी टीम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की निगरानी के लिए विशेष ऑडिट एवं मॉनिटरिंग टीम का गठन किया है। नई व्यवस्था के तहत पोलियो की दवा पिलाने वाली टीम के किसी घर से निकलते ही मॉनिटरिंग टीम वहां पहुंचकर सत्यापन करेगी।

टीम केवल दीवार या दरवाजे पर बने निशान की जांच नहीं करेगी, बल्कि परिवार के सदस्यों से सीधे पूछकर यह भी सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को वास्तव में पोलियो की खुराक पिलाई गई है या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान बिना दवा पिलाए मार्किंग किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मी या टीम के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकना और प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस. के. पांडेय ने बताया कि अभियान के पहले छह दिनों में जिले के पांच लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नई निगरानी व्यवस्था लागू होने से कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित नहीं रहेगा।
विशेष मॉनिटरिंग टीम प्रतिदिन घर-घर जाकर मार्किंग का सत्यापन कर रही है। परिजनों से फीडबैक लेने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप रही है। विभाग का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक ‘जिंदगी की दो बूंद’ पहुंचाकर पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार करना है।












