-आम की दो पेटियों के लिए रेलवे का 6 घंटे का ‘मिशन मैंगो’, तीन रेल मंडलों में चला सर्च ऑपरेशन
मुजफ्फरपुर। ट्रेन में छूट गई आम की दो पेटियों और एक काले बैग की तलाश में भारतीय रेलवे ने करीब छह घंटे तक तीन रेल मंडलों में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। महिला यात्री की शिकायत मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे के अधिकारी सक्रिय हो गए। हालांकि लंबी तलाश के बावजूद सामान बरामद नहीं हो सका, लेकिन रेलवे की त्वरित कार्रवाई और विभिन्न रेल मंडलों के बीच बेहतर समन्वय की खूब सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर इस पूरे अभियान को कई लोगों ने ‘मिशन मैंगो’ नाम दिया है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 12 बजे मुजफ्फरपुर पहुंची एक महिला यात्री ने ‘रेल मदद’ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि गाड़ी संख्या 11124 बरौनी–ग्वालियर एक्सप्रेस के एस-4 कोच में उनके आम के दो क्रेट और एक काला बैग छूट गया है।

शिकायत मिलते ही सोनपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने वाराणसी और झांसी रेल मंडल को भी सूचना भेजी। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचते ही आरपीएफ और रेलवे की टीमें हरकत में आ गईं। रेलवे की यात्री शिकायत सेवा ‘रेल मदद’ के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को तत्काल अलर्ट जारी किया गया और सर्च अभियान शुरू कर दिया गया।
रात 12 बजे से लेकर सुबह करीब 6 बजे तक ट्रेन जहां-जहां पहुंची, वहां संबंधित स्टेशनों पर आरपीएफ की टीमों ने एस-4 कोच की गहन तलाशी ली। अभियान के दौरान तीनों रेल मंडलों के अधिकारी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे और हर स्टेशन पर तलाशी अभियान चलाया गया।
गुरुवार सुबह वाराणसी रेल मंडल की ओर से जानकारी दी गई कि सीवान आरपीएफ द्वारा भी ट्रेन की विस्तृत जांच की गई, लेकिन आम की दोनों पेटियां और काला बैग बरामद नहीं हो सके। इसके बाद करीब छह घंटे तक चला यह विशेष सर्च अभियान समाप्त कर दिया गया।
हालांकि सामान नहीं मिल सका, लेकिन एक यात्री की शिकायत पर रेलवे की तत्परता, तकनीकी समन्वय और तीन रेल मंडलों की संयुक्त कार्रवाई ने यह दिखाया कि शिकायतों के निस्तारण को लेकर रेलवे कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।












