-मुजफ्फरपुर में लूट की फर्जी कहानी का खुलासा, संपत्ति हड़पने की साजिश रचने वाला आरोपी देवघर से गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर। जिले के कांटी थाना क्षेत्र में पुलिस को गुमराह कर लूट का झूठा मुकदमा दर्ज कराने और संपत्ति हड़पने की साजिश का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मामले में मुख्य आरोपी नितेश चौबे को झारखंड के देवघर से गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ पश्चिमी सुचित्रा कुमारी ने पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी नितेश चौबे कांटी थाना क्षेत्र के सदातपुर चौबे टोला का रहने वाला है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने पहले अपने साले धर्मेश कुमार (केवटी, दरभंगा निवासी) को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाया। इसके बाद साले को छुड़ाने का झांसा देकर अपनी सास की कीमती जमीन हड़पने की नीयत से उनका मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) हासिल कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि नितेश ने अपने दोस्त मनीष कुमार (साहेबगंज निवासी) के साथ मिलकर 25 मई 2026 को रास्ते में दो कारतूस के पुराने खोखे और वही मतदाता पहचान पत्र फिंकवा दिया। इसके बाद इन्हीं तथ्यों के आधार पर कांटी थाने में कांड संख्या 394/26 के तहत लूट की फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश और ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर के अनुश्रवण में एसडीपीओ पश्चिमी सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष रविकांत पाठक और पुलिस टीम ने तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच की, जिसमें पूरा मामला फर्जी निकला।
इसके बाद पुलिस ने कांड संख्या 409/26 दर्ज कर आरोपी नितेश चौबे को देवघर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से मतदाता पहचान पत्र और दो कारतूस के खोखे भी बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।












