-सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम
-गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश
मुजफ्फरपुर, 26 जून। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और मरीजों के लिए सुगम बनाने की दिशा में जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शुक्रवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी वार्ड, शिशु वार्ड, मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच), दवा वितरण केंद्र तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सहज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
डीएम ने सदर अस्पताल परिसर स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए गर्भवती महिलाओं, प्रसूता माताओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं समुचित देखभाल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि एमसीएच में सामान्य एवं ऑपरेशन से प्रसव, गर्भावस्था की नियमित जांच, नवजात शिशुओं की देखभाल, बच्चों के रोगों का उपचार, टीकाकरण तथा परिवार नियोजन जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाए।
इसके बाद डीएम ने ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी सेवाओं का निरीक्षण कर मरीजों के पंजीकरण, उपचार व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के पंजीकरण से लेकर उपचार तक की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित हो, ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

दवा वितरण केंद्र में जिलाधिकारी ने दवा भंडार एवं वितरण पंजी का निरीक्षण किया और उपलब्ध दवाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर यह भी जाना कि चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। मरीजों ने अस्पताल की उपचार व्यवस्था और दवा वितरण प्रणाली पर संतोष व्यक्त किया, जिस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर, वार्डों और शौचालयों की साफ-सफाई का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अस्पताल में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा प्रत्येक वार्ड, शौचालय और परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित अस्पताल मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिला अस्पताल के साथ-साथ जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का भी नियमित निरीक्षण एवं समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार, प्रभारी अधीक्षक डॉ. ज्ञानेंदु शेखर सहित सदर अस्पताल के कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।












