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बिहार को तकनीकी शिक्षा में अग्रणी बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए कई अहम निर्देश

-बिहार को तकनीकी शिक्षा में अग्रणी बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए कई अहम निर्देश

पटना, 23 जून 2026। दीपक तिवारी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में तकनीकी शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुखी और नवाचार आधारित बनाने के लिए अधिकारियों को व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देकर बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।
मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्लेसमेंट, आधारभूत संरचना और अनुसंधान गतिविधियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना की जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने विज्ञान केंद्रों और साइंस पार्कों को तकनीकी संस्थानों से जोड़ने तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया।


बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियंत्रण महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की उपलब्धियों, आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्लेसमेंट रिकॉर्ड और छात्र-छात्राओं की सफलता की कहानियों पर आधारित उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रचारित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक छात्र तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित हों।
उन्होंने सभी संस्थानों में नियमित रूप से कार्यशालाओं, सेमिनारों और विशेषज्ञ व्याख्यानों के आयोजन का निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाकर छात्रों को अधिक से अधिक औद्योगिक अनुभव उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने तकनीकी संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, उपकरणों के नियमित उन्नयन तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने तकनीकी शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्द्धन के लिए समर्पित प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि तकनीकी शिक्षा को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार के छात्र राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें और यहीं रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर हासिल करें।
बैठक में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह तथा विभागीय सचिव हिमांशु शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।