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प्यार में हार, हाजत में पहुंचा युवक; आंखों में सन्नाटा, हाथों में कानून की बेड़ियां

-प्यार में हार, हाजत में पहुंचा युवक; आंखों में सन्नाटा, हाथों में कानून की बेड़ियां

मुजफ्फरपुर। नगर थाना हाजत की धुंधली और ठंडी छत को वह युवक अपलक निहार रहा था। उसकी आंखों में आंसू नहीं थे, लेकिन चेहरे पर पसरा सन्नाटा उसके भीतर चल रहे तूफान की गवाही दे रहा था। मानो वह अपनी छोटी सी प्रेम कहानी के अंत और उससे जुड़े सपनों को बिखरते हुए देख रहा हो।
कुछ घंटे पहले तक जिस रिश्ते को वह अपनी दुनिया मानता था, अब उसकी जगह कानून की बेड़ियों ने ले ली थी। प्यार में मिली हार और हालात के इस मोड़ ने उसे ऐसी जगह लाकर खड़ा कर दिया, जहां यादें तो थीं, लेकिन उनके साथ भविष्य की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।


हाजत के भीतर बैठा युवक कभी छत की ओर देखता तो कभी जमीन पर निगाहें टिकाए रहता। उसके चेहरे पर पछतावा, मायूसी और टूटे सपनों की परछाईं साफ दिखाई दे रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह बीते दिनों की उन यादों को टटोल रहा है, जिनमें कभी मोहब्बत और साथ निभाने के वादे थे।
हालांकि युवक के खिलाफ दर्ज मामले और गिरफ्तारी के कारणों को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। लेकिन हाजत के उस सन्नाटे में बैठा युवक एक ऐसी कहानी बयां कर रहा था, जहां मोहब्बत, उम्मीद और हकीकत के बीच की दूरी अचानक बहुत लंबी हो गई।
कहते हैं, जिंदगी में कुछ फैसले इंसान की पूरी दुनिया बदल देते हैं। नगर थाना की हाजत में बैठा यह युवक भी शायद उसी बदली हुई दुनिया को खामोशी से महसूस कर रहा था।