-मुजफ्फरपुर में बनेंगे सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन, 15 स्थानों का चयन
मुजफ्फरपुर। जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और वाहन मालिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस दिशा में परिवहन विभाग ने पहल शुरू कर दी है और प्रथम चरण में चार्जिंग स्टेशनों के लिए 15 स्थानों का चयन कर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है।
जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) कुमार विवेक ने बताया कि चयनित स्थलों की सूची परिवहन विभाग को भेज दी गई है। स्थल चयन में आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों, पार्कों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थलों को शामिल किया गया है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को आसानी से चार्जिंग सुविधा मिल सके।
चार्जिंग स्टेशन के लिए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, समाहरणालय परिसर, नगर निगम कार्यालय, सिटी पार्क, स्मार्ट सिटी कार्यालय, जुब्बा सहनी पार्क, चंदवारा पानीकल कैंपस, जेल चौक, वाहन यार्ड (पानी टंकी चौक), सिकंदरपुर स्टेडियम के पास, सरमसपुर-नरसंडा रोड, हाउसिंग बोर्ड दामोदरपुर, सदर अस्पताल, एमआईटी तथा सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग, एसकेएमसीएच का चयन किया गया है।

इस संबंध में डीटीओ ने एमवीआई राकेश रंजन, अरविंद कुमार, रंजन कुमार गुप्ता एवं पार्थ सारथी को स्थल चयन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट मिलने के बाद इसे विभाग को भेज दिया गया।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले में वर्तमान में 17,852 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन निबंधित हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार आवश्यक माना जा रहा है।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान भी दे रही है। बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत निजी दोपहिया वाहन खरीदने पर महिलाओं एवं एससी-एसटी वर्ग को 12 हजार रुपये तथा सामान्य वर्ग को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं, चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाली महिलाओं को एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक मालवाहक तीनपहिया वाहनों की खरीद पर सामान्य वर्ग को 50 हजार तथा एससी-एसटी वर्ग को 60 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है।
डीटीओ कुमार विवेक ने कहा कि चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया विभागीय आदेश के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी और जिले में स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।












