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8 हजार बीपीएल परिवारों को मिलेगा मुफ्त सोलर पैनल

-8 हजार बीपीएल परिवारों को मिलेगा मुफ्त सोलर पैनल

-बिजली बिल होगा लगभग शून्य

मुजफ्फरपुर। दीपक तिवारी। जिले के करीब आठ हजार बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों के घरों पर जल्द ही मुफ्त सोलर पैनल लगाए जाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल के तहत संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उन गरीब परिवारों को मिलेगा, जिनके पास पक्का एवं छतदार मकान उपलब्ध है।
बिजली विभाग के अनुसार जिले के सभी 16 प्रखंडों की पांच-पांच पंचायतों यानी कुल 80 पंचायतों में पात्र बीपीएल परिवारों की पहचान की जा रही है। चयनित परिवारों के घरों की छत पर मुफ्त सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जीविका दीदियों द्वारा पहले घर-घर सर्वे कर लाभुकों का नाम, पता एवं अन्य आवश्यक जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई गई थी, जिसके आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनके पास पक्की छत वाले मकान हैं। झोपड़ी या बिना छत वाले घरों को फिलहाल इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। जिले में 42 हजार से अधिक बीपीएल परिवार हैं, जिनमें से पहले चरण में करीब आठ हजार परिवारों का चयन किया गया है।


राज्य सरकार ने पूरे बिहार में ढाई लाख बीपीएल परिवारों के घरों पर मुफ्त सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दिल्ली की केएलके वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है।
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और लाभुकों के पंजीकरण के लिए 14 जून को मुजफ्फरपुर सहित राज्य के सभी चयनित पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में लाभार्थियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी तथा पंजीकरण सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराई जाएंगी।
विद्युत अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश ने बताया कि सोलर संयंत्र से उत्पादित बिजली का उपयोग लाभुक अपने घरों में कर सकेंगे। वहीं अतिरिक्त बिजली ऑन-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से विद्युत नेटवर्क में भेजी जाएगी। इससे लाभार्थियों का बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली की लागत लगभग 2.70 रुपये प्रति यूनिट होगी। सोलर प्लांट के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी अगले 10 वर्षों तक बिजली विभाग की होगी, जिसके लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान भी किए जा चुके हैं।
इस योजना से न केवल गरीब परिवारों को मुफ्त और स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन के माध्यम से उन्हें आर्थिक लाभ की संभावना भी प्राप्त होगी। ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।