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धान अधिप्राप्ति की समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, तीन प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का वेतन स्थगित

-धान अधिप्राप्ति की समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, तीन प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का वेतन स्थगित

मुजफ्फरपुर, 11 जून। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को धान अधिप्राप्ति जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति, सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) आपूर्ति तथा गेहूं अधिप्राप्ति की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 89,514.38 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है। इसके समतुल्य 61,478.497 मीट्रिक टन सीएमआर आपूर्ति की जानी है, जिसके विरुद्ध अब तक 47,413.742 मीट्रिक टन सीएमआर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि गोदामों में जगह की कमी के कारण सीएमआर आपूर्ति की गति प्रभावित हो रही है।
समीक्षा के दौरान मुरौल, गायघाट और कटरा प्रखंडों में सीएमआर आपूर्ति की प्रगति क्रमशः 38.71 प्रतिशत, 51.44 प्रतिशत और 58.92 प्रतिशत पाई गई। इस पर नाराजगी जताते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का वेतन स्थगित करने तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया।
डीएम ने सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को मिलों एवं समितियों के साथ प्रतिदिन समन्वय स्थापित कर 30 जून 2026 तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सीएमआर आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले पैक्स एवं व्यापार मंडलों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।


बैठक में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम के प्रतिनिधि को अधिप्राप्त धान के समतुल्य सीएमआर प्राप्त करने तथा प्राप्त आरओ के अनुसार समय पर उठाव सुनिश्चित कर समितियों से सीएमआर प्राप्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को समितियों में अवशेष धान का नियमित भौतिक सत्यापन करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्टॉक में किसी प्रकार का विचलन पाए जाने पर संबंधित समिति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
बैठक में गेहूं अधिप्राप्ति की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले को मिले 6,303 मीट्रिक टन के संशोधित लक्ष्य के विरुद्ध 40 समितियों द्वारा 198 किसानों से 936.3 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। इनमें से 175 किसानों को भुगतान भी किया जा चुका है।
जिला पदाधिकारी ने लघु एवं सीमांत किसानों से प्राथमिकता के आधार पर गेहूं अधिप्राप्ति बढ़ाने, खरीदे गए गेहूं को राज्य खाद्य निगम में जमा कराने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले पैक्स एवं सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।