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तरबूज बना ज़हर! एक ही परिवार के 8 लोग बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका से इलाके में हड़कंप

-तरबूज बना ज़हर! एक ही परिवार के 8 लोग बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका से इलाके में हड़कंप

पटना। गर्मी में राहत देने वाला रसीला फल तरबूज अब एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। औद्योगिक थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार परिवार ने दोपहर में बाजार से लाया गया तरबूज खाया था। कुछ ही घंटों बाद बच्चों समेत सभी सदस्यों को तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त और घबराहट की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल लाए गए मरीजों में से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे इमरजेंसी से ही हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं सात लोगों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया। इनमें पांच मरीजों की हालत में सुधार बताया जा रहा है, जबकि दो महिलाओं को अभी भी निगरानी में रखा गया है। इंद्रासन साह की पत्नी लीलावती देवी को लगातार पेट दर्द की शिकायत बनी हुई है, जबकि उनकी पुत्री गीता देवी की स्थिति पहले से बेहतर बताई गई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने फूड इंस्पेक्टर को जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन इस बात की पड़ताल में जुटा है कि आखिर तरबूज में ऐसा क्या था, जिससे पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ गई। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि तरबूज को जल्दी पकाने या अधिक लाल दिखाने के लिए नाइट्रेट, एरिथ्रोसिन जैसे कृत्रिम रंग या कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे रसायन शरीर में पहुंचकर गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक कटे हुए या खुले में रखे गए तरबूज में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पटना के आईजीआईएमएस के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रोहित उपाध्याय ने कहा कि बाजार से खरीदे गए फलों, खासकर पानी वाले फलों को बिना जांचे-परखे नहीं खाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि यदि तरबूज असामान्य रूप से ज्यादा चमकीला लाल दिखे या उसमें छोटे-छोटे छेद नजर आएं, तो उसमें इंजेक्शन या केमिकल मिलाए जाने की आशंका हो सकती है। ऐसे फल खाने से बचना चाहिए। वहीं अगर तरबूज का टुकड़ा पानी में डालने पर पानी लाल हो जाए, तो उसमें कृत्रिम रंग होने की संभावना रहती है।

डॉ. उपाध्याय ने सलाह दी कि तरबूज को खरीदने के बाद कुछ समय ठंडे पानी में भिगोकर रखें और सेवन से पहले अच्छी तरह धो लें। कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक खुले में न छोड़ें और हमेशा ढककर फ्रिज में रखें।

फिलहाल इस घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है और लोग बाजार से फल खरीदने में अधिक सावधानी बरत रहे हैं।