-जनता राज की दिशा में सरकार का बड़ा कदम: CM सम्राट चौधरी का सख्त संदेश, ‘जनसेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
पटना।दीपक कुमार तिवारी। बिहार में नई सरकार ने आम जनता के चेहरे पर खुशहाली लाने की दिशा में तेज़ी से काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि राज्य में “जनता राज” स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जनता को परेशान करने की मानसिकता तुरंत त्याग दें, अन्यथा सरकार कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब राज्य में नेता और अफसर का नहीं, बल्कि जनता का राज चलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर हाल में जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। उनके इस सख्त रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
30 अप्रैल को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को छह प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक कार्यालय में बैठकर आम लोगों की समस्याएं सुनें और उनका त्वरित समाधान करें। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, तथा ‘पुलिस दीदी’ जैसे अभियानों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अवैध शराब कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के साथ-साथ संरक्षण देने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने “लटकाने-भटकाने” की प्रवृत्ति खत्म करने और प्रशासन को जनता का सहयोगी बनाने पर जोर दिया।

सरकार ने ब्लॉक, अंचल और थानों की कार्यप्रणाली की रोजाना मॉनिटरिंग करने का फैसला लिया है। सभी कार्यालयों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
विकास को गति देने के लिए सभी जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर तेजी से काम करने को कहा गया है। स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के तहत 1 जुलाई तक जिला अस्पतालों और 15 अगस्त तक अनुमंडल अस्पतालों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत न पड़े।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी 533 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिन्हें नेतरहाट और सिमुलतला विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा, राज्य के कर्मचारियों को ‘बिहार दर्शन’ के लिए दो दिन की छुट्टी देने की योजना भी बनाई गई है, ताकि वे राज्य के इतिहास और विरासत को समझ सकें।
सबसे अहम पहल के तहत पंचायत स्तर पर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे, जहां 30 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 19 मई से होगी, जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इन फैसलों को एक बड़े प्रशासनिक सुधार और “जनता केंद्रित शासन” की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।











