-जीवित बुजुर्ग को मृत घोषित करने का आरोप, सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद
राजापाकर (वैशाली) | संजय श्रीवास्तव।
राजापाकर दक्षिणी पंचायत के पश्चिम टोला निवासी 91 वर्षीय जय किशुन सिंह को बीएलओ द्वारा जांच में मृत घोषित कर दिए जाने का मामला सामने आया है। इस गलती के कारण उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली पेंशन बंद कर दी गई है, जबकि जय किशुन सिंह पूरी तरह जीवित हैं।
इस संबंध में जय किशुन सिंह के पौत्र कुंदन कुमार ने बताया कि उनके दादा की पेंशन राशि हर माह खाते में नियमित रूप से आती थी। आधार कार्ड के केवाईसी के लिए जब वह वसुधा केंद्र गए, तो वहां “बेनेफिशियरी नॉट फाउंड” दिखाया गया। इसके बाद आधार से विवरण निकलवाने पर पता चला कि बीएलओ की जांच रिपोर्ट में जय किशुन सिंह को मृत घोषित कर दिया गया है, इसी कारण उनकी पेंशन रोक दी गई है।

परिजनों के अनुसार अगस्त माह तक पेंशन की राशि खाते में आती रही, लेकिन सितंबर माह से पेंशन बंद है। इस घटना से आहत परिजनों ने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित जांचकर्ता कर्मी की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग प्रखंड विकास पदाधिकारी, राजापाकर से की है।
इस मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि संभवतः किसी कर्मी से जांच में चूक हुई होगी। उन्होंने कहा कि यदि जय किशुन सिंह के परिजन आधार कार्ड एवं बैंक खाता संख्या लेकर प्रखंड कार्यालय आते हैं, तो जीवन प्रमाण पत्र को कंप्यूटर सिस्टम में लॉगिन कर अपडेट कर दिया जाएगा। इसके बाद उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन पुनः चालू कर दी जाएगी।














