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यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर डीएम का व्यापक अभियान, जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

-यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर डीएम का व्यापक अभियान, जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

मुजफ्फरपुर।दीपक कुमार तिवारी।

मुजफ्फरपुर शहर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जाम की समस्या से आम लोगों को राहत दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा निरंतर ठोस और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व में एक ओर जहां वाहनों की कलर कोडिंग के माध्यम से रूट का स्पष्ट निर्धारण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत बुधवार को समाहरणालय परिसर से जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ आगामी 10 दिनों तक जिले के सभी प्रखंडों में भ्रमण करेगा और लोगों को मोटर वाहन अधिनियम, यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटना से बचाव के उपायों की जानकारी देगा। इसके लिए तिथिवार कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक यह संदेश पहुंच सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आम जनता से यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से ‘राहवीर’ बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के दौरान यदि कोई व्यक्ति पीड़ित को समय रहते नजदीकी अस्पताल पहुंचाता है, तो वह एक अनमोल जीवन बचा सकता है।


मीडिया को संबोधित करते हुए डीएम श्री सेन ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा राहवीर/गुड समरिटन योजना चलाई जा रही है, ताकि लोग बिना किसी भय या झिझक के दुर्घटना पीड़ितों की सहायता कर सकें। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में पीड़ितों की जान बचाने वाले राहवीरों को 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित किया जाता है। साथ ही एक या एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाने पर प्रति राहवीर ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।
जिलाधिकारी ने वाहन चालकों से अपील की कि वे सुरक्षित, नियंत्रित एवं निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाएं। उन्होंने कहा कि “आपकी रफ्तार सिर्फ आपकी नहीं होती, वह किसी की खुशियां और किसी का पूरा संसार छीन सकती है,” इसलिए संयमित और जिम्मेदार ड्राइविंग ही सुरक्षित जीवन की कुंजी है।
इस मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सत्येंद्र कुमार ने जानकारी दी कि ओवरलोडिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि हल्के मोटर वाहन में ओवरलोडिंग पर ₹1000 से ₹2000 तथा भारी मोटर वाहन में ₹2000 से ₹4000 तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने वाहन चालकों से नियमों का अक्षरशः पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री कोटा किरण, अपर समाहर्ता राजस्व श्री प्रशांत कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सत्येंद्र कुमार सहित कई वरीय अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यातायात जागरूकता अभियान को सफल बनाने और सुरक्षित सड़क व्यवस्था के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास की प्रतिबद्धता दोहराई।
जिला प्रशासन का यह अभियान न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करने का सशक्त माध्यम भी साबित होगा।