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बिहार में एक और सीट पर रोचक हुआ मुकाबला – आईपीएस के नौकरी छोड़कर आए आनंद मिश्रा ने भी ली चुनाव में इंट्री, कहा – मैंने लौटना नहीं सीखा

-बिहार में एक और सीट पर रोचक हुआ मुकाबला – आईपीएस के नौकरी छोड़कर आए आनंद मिश्रा ने भी ली चुनाव में इंट्री, कहा – मैंने लौटना नहीं सीखा

संवाददाता। बक्सर।

बक्सर में पिछले कई महीने आनंद मिश्रा लोगों से मिल रहे हैं। माना जा रहा था कि उन्हें भाजपा से टिकट मिल सकता है। लेकिन उनकी जगह भाजपा ने मिथलेश तिवारी पर भरोसा जताया। ऐसे में आनंद मिश्रा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। आनंद मिश्रा ने बताया कि “कुछ लोगों के कारण बीजेपी की सदस्यता नहीं मिल पाई, लेकिन अब बक्सर से वापसी संभव नहीं है। बता दें कि आनंद मिश्रा ने बीजेपी से टिकट मिलने की आस में वीआरएस लिया था।


2011 बैच के आईपीएस रहे आनंद मिश्रा:

2011 बैच के आईपीएस रहे आनंद मिश्रा मूल रूप से भोजपुर जिले के शाहपुर थाना इलाके के प्रसौंडा ग्राम के रहनेवाले हैं। हालांकि उनका पूरा परिवार कोलकाता में रहता है और आनंद मिश्रा की पढ़ाई-लिखाई भी कोलकाता में ही हुई थी। सिर्फ 22 साल की उम्र में आईपीएस अधिकारी बन कर सुर्खियां बटोरनेवाले आनंद मिश्रा असम के लखीमपुर में एसपी के रूप में तैनात थे। जहां उनकी गिनती तेज तर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में होती थी।

बीजेपी से टिकट मिलने की आस में उन्होंने जनवरी 2024 में वीआरएस ले लिया। हालांकि उन्हें निराशा हाथ लगी और बीजेपी से टिकट नहीं मिला, ऐसे में आनंद मिश्रा बक्सर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकने के लिए तैयार हैं।