#सियासी_जलेबी
बिहार के सियासी में गर्म कराही में जलेबी तैयार कर रहे हैं अशोक चौधरी। जदयू में अपने विरोधियों को सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दे दी बड़ी हिदायत। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे ज्यादा विश्वासपात्र मंत्रियों में गिने जाने वाले अशोक चौधरी इन दिनों सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने विरोधियों को जवाब दे रहे हैं हालांकि अशोक चौधरी के विरोधी उनके ही पार्टी में उनके खिलाफ बड़ी लाबी तैयार कर रहे हैं अशोक चौधरी का का डी नीतीश की नजर में तेजी से बड़ा है चर्चा है कि जमुई से इस बार लोकसभा का चुनाव भी अशोक चौधरी ही लड़ेंगे दामाद सायन कुणाल के लिए शेखपुरा की सीट भी फिक्स कर दी गई है पत्नी के एमएलसी बनाए जाने की भी चर्चा है अशोक चौधरी नीतीश कुमार के लिए संकट मोचन का काम करते हैं 2020 के विधानसभा चुनाव में अल्पमत की एनडीए सरकार के लिए सुमित कुमार सिंह और जमा खान जैसे विधायकों का मनावन भी अशोक चौधरी नहीं किया था। कभी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे अशोक चौधरी नीतीश कुमार के विरासत को संभालने वाले नेताओं की फेहरिस्त में शामिल है। हाल ही में पटना में एक सफल रैली कराकर अशोक चौधरी ने विरोधियों को जवाब तो दे ही दिया जिस रैली के पोस्टर पर नीतीश कुमार के बाद उन्हें की तस्वीर नजर आ रही थी। अशोक चौधरी और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के बीच 36 का आंकड़ा है। पलड़ा अशोक चौधरी का ही भारी है। पार्टी के 30 से ज्यादा विधायक अशोक चौधरी के साथ है जो किसी भी कीमत पर ललन सिंह गुट को समर्थन नहीं कर सकते हैं।जिस मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से ललन सिंह को चुनाव लड़ना है वहां अशोक चौधरी ही पूरा खेल बना या बिगाड़ सकते हैं।

अगर अशोक चौधरी को जमुई से टिकट मिलने के बीच में ललन सिंह ने अरंगा खड़ा किया तो फिर मुंगेर में ललन सिंह का खेल बिगड़ना भी निश्चित है। अशोक चौधरी ने दलित वोटरों के साथ ही साथ पार्टी के राजपूत भूमिहार और ब्राह्मण नेताओं की लाबी भी तैयार कर ली है, जिनका अपने-अपने क्षेत्र के साथ ही साथ पार्टी में भी मजबूत जन आधार है।
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