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बिहार के जमुई में आम लोगों को शिक्षक बताकर किया वेतन घोटाला, पढ़ें कैसे रचा गया घोटाले का खेल

-बिहार के जमुई में आम लोगों को शिक्षक बताकर किया वेतन घोटाला, पढ़ें कैसे रचा गया घोटाले का खेल

पटना/जमुई।सम्वाददाता।

बिहार के जमुई जिले में आम लोगों को शिक्षक दिखाकर वेतन घोटाला किया गया है। वैसे लोगों के खाते में वेतन की राशि भेजी गई है, जो शिक्षक ही नहीं हैं। इनकी संख्या एक या दो में नहीं बल्कि दर्जनों में है। लाभ प्राप्त करने वाले ऐसे ही 22 नामों की सूची जागरण को मिली है। इनमें 16 नाम ऐसे हैं, जिन्हें दर्शाए गए स्कूल में कार्यरत नहीं होने की बात स्कूल प्रभारियों ने बताई।

विस्तृत जांच में यह राशि बढ़ सकती है:

कुछ ने बताया कि बहुत साल पहले कुछ लोग नियोजित हुए फिर उसके बाद से स्कूल से गायब ही रहे। इस सूची के आधार पर एक करोड़ 71 लाख 25 हजार रुपये से अधिक की हेरफेर हुई है। विस्तृत जांच में यह राशि बढ़ सकती है। 31 मार्च, 2015 के बाद नियोजित अप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन भुगतान बंद कर दिया गया था। इसके बाद 11 जुलाई, 2022 की तिथि से निर्गत पत्र में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया था कि शिक्षकों के कार्यरत अवधि का वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही वेतन भुगतान के लंबित मामलों का निष्पादन 15 दिनों के भीतर कर विभाग को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना है। इस आदेश की आड़ में घोटाले का खेल रच दिया गया। जमुई के डीपीओ स्थापना शिव कुमार शर्मा का कहना है कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से प्राप्त अनुपस्थिति के आधार पर कार्य अवधि का वेतन भुगतान किया गया है। ऐसे शिक्षकों का उक्त अवधि में संबंधित स्कूल के यू-डायर्स में नाम भी दर्ज नहीं है।