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Breaking: CM नीतीश ने चुप्पी तोड़ी…RJD कोटे के मंत्री को हड़काय़ा ! लगे हाथ लालू -राबड़ी राज की खोली पोल

-CM नीतीश ने चुप्पी तोड़ी…RJD कोटे के मंत्री को हड़काय़ा ! लगे हाथ लालू -राबड़ी राज की खोली पोल

सम्वाददाता। पटना।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपनी चुप्पी तोड़ी है. उद्योग विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में सीएम नीतीश ने जुबान खोली तो लालू-राबड़ी राज से लेकर मीडिया और केंद्र सरकार की जमकर खिंचाई की. राजद कोटे से उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ के बहाने नीतीश कुमार ने अपरोक्ष तौर पर लालू-तेजस्वी पर प्रहार किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम डिपार्टमेंट से कहते हैं… आप( समीर महासेठ) मंत्री हैं . आप हमारी बात सुनते रहिएगा, तभी तेजी से काम संभव है. उद्यमी योजना की चर्चा करते हुए कहा कि यह सब मेरा आईडिया है. पहले कुछ था ? हम ही ना शुरू किए हैं, 2005 से. हम जब से आए हैं तब से एक-एक काम कर रहे हैं. बहुत लोग अब भूलने लगा है कि यह सब काम हुआ है. इसलिए हम सबको कह रहे हैं कि लोगों को बताते रहिए, नहीं तो सब लोग फोन पर ही डिपेंडेंट हो गया है. फोन पर ही देखते रहता है, उसमें जो खबर आएगी उसी को ना पढ़ेगा, हमारी बात को भूल जाएगा.


सीएम नीतीश ने आज फिर से ऐलान किया है वे विशेष राज्य के दर्ज की मांग को लेकर अभियान शुरू करने वाले हैं. गांव-गांव जाकर यह डिमांड किया जाएगा कि विशेष राज्य का दर्जा दो. अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल गया तो तेजी से विकास होगा. केंद्र सरकार कोई काम नहीं कर रही, कोई मदद नहीं मिल रहा. अगर स्पेशल स्टेटस मिल गया तो बिहार के पिछड़े लोगों का दो सालों में ही विकास होंगे. मीडिया वाला हमारा छापता नहीं है. केंद्र ने मीडिया पर कब्जा कर लिया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बापू सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण,और प्रथम किस्त वितरण समारोह में शिरकत कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने यही सभी तपके के उत्थान के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की शुरूआत की है. इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार करें ताकि लोग लाभ ले सकें. उन्होंने लगे हाथ अपने बड़े भाई लालू व राबड़ी राज पर भी सवाल खड़े कर दिए . कहा कि पहले कुछ यहां काम होता था…हम जब यहां आए तो सभी क्षेत्रों में काम शुरू कराया. नीतीश कुमार ने राजद कोटे के उद्योग मंत्री समीर महासेठ को सलाह देते हुए कहा कि हमारी बात को सुनिए,तभी काम हो पायेगा. पहले यहां क्या था…हम जब 2005 में यहां आये तब जाकर इस तरह की योजनाओं को लाए हैं.