-देवउठनी एकादशी पर करें ये उपाय, धन की कमी से लेकर विवाह संबंधी समस्याएं होंगी दूर
नई दिल्ली। सम्वाददाता।
हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। इस एकादशी के बाद से सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि तुलसी विवाह किया जाता है। यदि आप अपनी समस्याओं से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो इसके लिए आप देवउठनी एकादशी के दिन ये उपाय आजमा सकते हैं।
देवउठनी एकादशी कब:
कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारम्भ 22 नवम्बर को रात्रि 11 बजकर 03 मिनट पर हो रहा है। साथ ही इसका समापन 23 नवम्बर को रात 09 बजकर 01 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार 23 नवम्बर को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी।
मिलेगी भगवान विष्णु की कृपा:
एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति के लिए पानी में एक चुटकी हल्दी डालें और उससे स्नान करें। साथ ही इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है। ऐसा करने से आपके ऊपर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
नहीं होगी धन की कमी:
एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पहले शंख में गाय के दूध भरकर स्नान कराएं इसके बाद गंगाजल से स्नान कराएं। ऐसा करने से व्यक्ति की आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। भगवान विष्णु की पूजा के दौरान ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें। इससे जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती हैं। भगवान विष्णु की पूजा में शुद्ध घी का दीया जरूर जलाएं और भोग में तुलसीदल रखकर अर्पित करें।

जल्द बनेंगे शादी के योग:
यदि किसी जातक को विवाह आदि में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो वह भी देवउठनी एकादशी के दिन कुछ उपाय कर सकता है। इसके लिए विष्णु जी की पूजा के दौरान उन्हें केसर, पीले चंदन या हल्दी का तिलक लगाएं। इसके बाद उन्हें पीले रंग के फूल अर्पित करें। इससे जल्द ही विवाह के योग बनते हैं।
सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी:
अपनी कोई मनोकामना पूर्ण करना चाहते हैं, तो इसके लिए देवउठनी एकादशी के दिन पीपल के पेड़ में जल जरूर अर्पित करें, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है














