-उत्तर बिहार के प्रसिद्ध मंदिर है,मनोकामना माई,रुपए की माला चढ़ाने के लिए होता है भारी भीड़
सम्वाददाता। चंपारण।
पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया प्रखण्ड अंतर्गत गोढ़ीया गांव स्थित प्रसिद्ध मनोकामना मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से पूजन करते हैं।उसे साड़ी मनोकामना पूर्ण करते है मनोकामना माई….(सप्तमी, अष्टमी,नवमी तक) एक करोड़ से अधिक पैसे का माला चढ़ते हैं….गत वर्ष यहां 85 लाख रुपए व 2021 में 1.10 करोड़ रुपए लोगों ने मन्नत पूरी होने पर चढ़ावा चढ़ाया। मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन है राशि मंदिर के खाते में जमा होती है यहां माता का मंदिर चार मंजिल है सभी पर संगमरमर की देवी देवता की मूर्ति लगी हुई है।

खासकर माता की एक बड़ी मूर्ति संगमरमर की है। मनोकामना माता के दर्शन व चढ़ावा के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। मनोकामना माता मंदिर में पूजा एवं मन्नत मांगने के लिए नेपाल,उत्तर प्रदेश,सिक्किम, मणिपुर, बंगाल, व असम, और महाराष्ट्र सहित कई राज्य से श्रद्धांजलि भक्त पहुंचते हैं।मन्नत पूरी होने पर मां को रुपया की माला चढ़ावा चढ़ाया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि जय मनोकामना माता मंदिर की स्थापना 1983 में की गई। मां का मंदिर जिस स्थान पर है वहां पहले जंगल व सुनसान था।














