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नीतीश-लालू की जोड़ी ने कांग्रेस को दिखाया ठेंगा

-नीतीश-लालू की जोड़ी ने कांग्रेस को दिखाया ठेंगा

सम्वाददाता। पटना।

बिहार की महागठबंधन सरकार ने लंबे समय से लंबित जिला स्तरीय बीस-सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का गठन कर दिया है. जिले के प्रभारी मंत्री ही 20 सूत्री जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष होते हैं. लिहाजा उन्हें ही यह जिम्मेदारी दी गई है. जिला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और सदस्यों से संबंधित अधिसूचना कैबिनेट सचिवालय की ओर से जारी की गई है. लेकिन खास बात यह कि राजद-जेडीयू जिलाध्यक्षों की बल्ले-बल्ले हो गई. सभी जिलों में दो-दो उपाध्यक्ष बनाये गए हैं. एक राजद के जिलाध्यक्ष हैं तो दूसरे जेडीयू के. महागठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस को जेडीयू-राजद ने मिलकर निबटा दिया है.


शुरूआत पटना जिले से करते हैं. पटना जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष प्रभारी मंत्री तेजस्वी यादव को बनाया गया है. वहीं उपाध्यक्ष राजद के जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह यादव और जेडीयू के पटना जिला ग्रामीण अध्यक्ष अशोक कुमार को बनाया गया है. वहीं कांग्रेस के पटना महानगर अध्यक्ष शशिरंजन को सिर्फ मेंबर बनाया गया है. मधुबनी जिले में बीस सूत्री का उपाध्यक्ष राजद जिलाध्यक्ष वीर बहादुर राय और जेडीयू के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कामत को बनाया गया है. यहां के कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा को केवल मेंबर से संतोष करना पड़ा है. पूर्वी चंपारण की बात करें तो राजद जिलाध्यक्ष व विधायक मनोज यादव और जेडीयू जिलाध्यक्ष मंजू देवी को बीस सूत्री का उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिभूषण राय को झुनझुना थमा दिया गया यानि मेंबर बनाया गया है. बता दें कि पूर्वी चंपारण के कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिभूषण राय उर्फ गप्पू राय़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह से सबसे करीबी माने जाते हैं. बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अपने सबसे करीबी जिलाध्यक्ष को भी जिला बीस सूत्री का उपाध्यक्ष नहीं बनवा सके.
बिहार के अन्य जिलों की बात करें तो सुपौल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिमल यादव को बीस सूत्री का मेंबर बनाया गया है. मधेपुरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र यादव को मेंबर, वैशाली में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला मेंबर बने हैं. जहानाबाद में गोपाल शर्मा को भी सदस्य बनाया गया है. भोजपुर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक राम, औरंगाबाद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश सिंह और दरभंगा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीताराम चौधरी को भी बीस सूत्री का मेंबर बनाया गया है. अन्य जिलों में भी महागठबंधन के दोनों बड़े दल के जिलाध्यक्षों को उपाध्यक्ष और कांग्रेस जिलाध्यक्ष को सदस्य से ही संतोष करना पड़ा है. जिला स्तरीय बीस-सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के गठन से एक बात स्पष्ट हो गई है. साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव के सीट बंटवारे की तस्वीर भी साफ-साफ होते दिख रही है. कहीं ऐसा न हो कि बीस सूत्री की तरह ही सीट बंटवारे में भी कांग्रेस को धोखा मिले. नीतीश-लालू मिलकर लोस सीटों पर बात कर लें और कांग्रेस के लिए कुछ सीटें छोड़ दें.