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प्राकृतिक खेती कृषकों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होगी: राज्यपाल

चंपारण की खबर::
-प्राकृतिक खेती कृषकों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होगी: राजपाल
– किसान लाभार्थी सम्मलेन, पशु प्रजनन उत्कृष्टता केंद्र, विधि प्रयोगशाला, बम्बू प्रदर्शनी व प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन

मोतिहारी / राजन द्विवेद्वी।

कृषि विज्ञान केंद्र, पीपराकोठी, पूर्वी चम्पारण के परिसर में आज किसान लाभार्थी सम्मलेन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में पहुंचे बतौर मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह मोतिहारी सांसद राधामोहन सिंह, पूर्व मंत्री सह विधायक प्रमोद कुमार सहित अन्य नेताओं एवं अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया।


साथ ही पशु प्रजनन उत्कृष्टता केंद्र के भ्रूण प्रत्यारोपण, विधि प्रयोगशाला व रेलवे के सीआरसी फंड से संचालित बम्बू प्रदर्शनी व प्रशिक्षण केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। वहीं राज्यपाल के मोतिहारी आगमन को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन विधि व्यवस्था के लिए चौकस दिखे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती कृषकों की आमदनी बढ़ाने में उत्कृष्ट व महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में 27 फीसदी लागत में बचत होती है एवं 52 फीसदी उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्होंने औषधीय पौधे के उत्पादन पर जोर दिया और मौजूद अधिकारियों को बाजार उपलब्ध कराने की बात कही।


उन्होंने कहा कि इस प्रदेश के प्रथम नागरिक होने के नाते आप सभी से मिलने के लिए मैं यहां आया हूं। यह मेरा कर्तव्य है कि जो अपनी पूरी जिंदगी मिट्टी में बितता है और दुनिया का पालन पोषण करता है, हमारा भरण करता है ऐसे किसानों के बीच मैं आकर कृतार्थ हूं।
उन्होंने पूर्व केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री सह सांसद राधामोहन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि ये यहां के किसानों के भाग्य विधाता हैं। महामहिम ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री भी किसानों की चिंता करते हैं। किसानों की आय दुगुनी हो, कृषि बजट कैसे बढ़े और आमदनी बढ़े, इसी चिंता का परिणाम है कि किसान हित में जो पहले कभी नहीं हुआ वह आज देश में हो रहा है। हर वर्ष 11 करोड़ किसानों के खातों में छह हजार रुपये जाते हैं इसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी एवं विगत 9 वर्षों में किसानों की बजट में साढ़े पांच गुणा वृद्धि हुई है।