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घरेलू भारतीय सामान पर नेपाल सरकार द्वारा कर लगाने पर सीमावर्ती नेपाली ने जताया विरोध

-घरेलू भारतीय सामान पर नेपाल सरकार द्वारा कर कर लगाने से सीमावर्ती नेपाली ने जताया बिरोध

जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर।

नेपाल सरकार द्वारा भारतीय एक सौ से अधिक सामान लाने पर भंसार शुल्क लगने की प्रक्रिया से सीमावर्ती धनुषा, महोतरी जिला सहित पूरे मधेश के नेपाली दुःखी हैं। लोसपा के बरिष्ठ नेता तथा हिन्दी भाषा अभियानी, तमलोपा नेतृ बिभा ठाकुर सहित कई नेताओं ने कहाहै कि इस नियम सेम देशी को परेशान करने का एक तरीका है।इससे नेपाल भारत के संबंध पर असर पड़ेगा।

रमन पांडेय ने कहा कि नेपाली स्वदेशी उत्पाद के बढ़ावा हो इसके हम समर्थन करते हैं लेकिन सरकार कालाबाजारी पर भी रोक लगावें।पांच किलो चीनी,तेल या अन्य सामान रोक लगाना ठीक नहीं है।इससे और कालाबाजारी बढ़ेगा। सीमा पर तैनात सुरक्षा कर्मी तथा भंसार के कर्मचारी के मिली भगत से तस्करी को बढ़ावा मिलेगा।विभा ठाकुर ने कहा है कि यह नियम से गरीब मधेशी जनता ज्यादे परेशान होगा।जैसे भारतीय बेटी को नेवारी के बाद सात साल बाद नागरिकता देना,जन्म सिद्ध नागरिकता की संतान को नागरिकता नहीं देना।यह क्या दर्शाती है? भारत तथा नेपाल के बीच रिश्ता मधुर नहीं हो यह एक स्व नियोजित चाल हैं।