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अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित किया गया

-जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित किया गया

सम्वाददाता।मुजफ्फरपुर।

पर्यवेक्षण गृह, मुजफ्फरपुर एवं बाल गृह, मुजफ्फरपुर में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर, जिला बाल संरक्षण इकाई मुजफ्फरपुर एवं जिला अग्निशमन सेवा मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वाधान में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं अग्नि सुरक्षा आधारित एक दिवसीय संवेदीकरण सह जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

इस अवसर पर श्री मो साकिब खान, कंसल्टेंट/डी०एम० प्रोफेशनल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर ने श्री राहुल कुमार एवं श्री आशुतोष कुमार, आपदा मित्र के सहयोग से विभिन्न आपदा जैसे बाढ़ , सड़क दुर्घटना, वज्रपात, भूकंप, अग्निकाण्ड तथा अन्य आपदाओं से बचाव का प्रशिक्षण दिया । उनके द्वारा विभिन्न आपदाओं में प्राथमिक उपचार की विधियां तथा सुरक्षित निष्कासन के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई ।

इस अवसर पर, श्री विनय कुमार सिंह, अग्निशमन अधिकारी, मुजफ्फरपुर ने आग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि सतर्कता के साथ हाथ की रोकथाम कर सकते हैं तथा अगलगी की स्थिति में आग पर त्वरित नियंत्रण पा सकते हैं। आमजन को अग्नि सुरक्षा के बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है ताकि अग्निकांड की घटना की रोकथाम की जा सके। उन्होंने आपातकालीन संपर्क नंबर 101 तथा 112 के बारे में भी जानकारी प्रदान की तथा कहा कि इन दोनों नंबरों पर किसी भी आपात परिस्थिति में फायर ब्रिगेड से संपर्क किया स्थापित किया सकता है।
साथ ही, जिला अग्निशमन मुजफ्फरपुर की टीम द्वारा माकड्रिल एवं प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीण आग, घरेलू आग, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों आग सुरक्षा के तरीके बताएं तथा व्यक्तिगत सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण टिप्स दिए। अवसर पर जिला अग्निशमन विभाग की तरफ से प्रतिभागियों को ग्रामीण व शहरी अगलगी न्यूनीकरण संबंधी पंपलेट/ हैंडबिल तथा अग्निशमन विभाग के महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र से संबंधित हैंडबिल का वितरण किया गया। जिला अग्निशमन की टीम द्वारा दोनों परिसरों की अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से जांच की गई तथा फायर ऑडिट किया गया।

श्री चंद्रदीप कुमार, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि इस प्रकार के जीवन रक्षक प्रशिक्षण नियमित अंतराल पर किशोरों तथा बच्चों हेतु आयोजित किये जाने चाहिए ताकि आपात परिस्थिति में इसका सदुपयोग कर संभावित क्षति को कम किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान, पर्यवेक्षण गृह, मुजफ्फरपुर तथा बाल गृह, मुजफ्फरपुर के सेंट्रल कोऑर्डिनेटर, कर्मी, रसोईया, शिक्षक सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।