-16 दिसंबर से है खरमास, जानिए इस महीने क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?
नई दिल्ली। सम्वाददाता।
हिंदू धर्म में खरमास का महीना अशुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इस माह की शुरुआत जब सूर्य धनु राशि में गोचर करते हैं तब होती है। खरमास के दौरान कुछ ऐसी चीजें हैं, जिससे बचना चाहिए।
वहीं कुछ ऐसे कार्य हैं, जिसे आप इस महीने भी कर सकते हैं, तो आइए इन महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में जानते हैं, जो इस प्रकार है-
खरमास के दौरान क्या करें?:
चूंकि सूर्य देव बृहस्पति की राशि में गोचर करेंगे इसलिए इस पूरे महीने भगवान सूर्य और श्री हरि विष्णु की पूजा का विधान है।
खरमास के दौरान भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं और ‘ओम घृणि सूर्याय नम:’का जाप करें।
जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष है, वे अमावस्या के दिन घर पर ब्राह्मण भोज का आयोजन करें और उन्हें आदरपूर्ण भोजन कराएं और वस्त्र का दान करें।
इस महीने सूर्यदेव को जल चढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।

खरमास के दौरान पवित्र नदियों में स्नान करने का भी विशेष महत्व है।
खरमास के दौरान क्या न करें?:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, खरमास को शुभ समय नहीं माना जाता है। इसलिए इस समय शुभ कार्य करने की मनाही होती है।
खरमास में शादी न करने की सलाह दी जाती है।
इस महीने में नया घर खरीदना, कोई संपत्ति खरीदना, नया कारोबार शुरू करने से बचना चाहिए।
इस माह में लोगों को नया वाहन नहीं खरीदना चाहिए।
इस महीने में लोगों को तामसिक भोजन और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।














