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स्पॉट : ख़स की खेती से महक रहा बन्दरा

-खस की खेती से महक रहा बन्दरा

-साल 2013 में 3 एकड़ में खेती से की थी शुरुआत
-अबकी 15 एकड़ में की है खेती
-बन्दरा के अन्य सहयोगी किसान भी शुरू की है खेती
-ख़स के हैं आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक महत्व

मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।

खस की खेती से महक रहा बन्दरा। प्रखंड के बन्दरा गांव में किसान रत्नेश कुमार ठाकुर ने 15 एकड़ खेतों में ख़स की खेती की है। रत्नेश बताते हैं कि साल 2013 में उन्होंने खस की खेती की शुरुआत की थी। तब तीन एकड़ में उन्होंने खस की खेती की थी। शुरुआती साल में लगातार सफलता के बाद तकनीकी कारणों से उन्होंने खस की खेती छोड़ दी। लगातार गैप के बाद पिछले साल से उन्होंने फिर से खस की खेती शुरू की है। अबकी 15 एकड़ में उन्होंने खस की खेती की। उन्होंने बताया कि खस के उत्पादन के बाद उसे प्रोसेसिंग कर तेल बनाने का काम भी उन्होंने शुरू की है। इसके लिए पहले एक प्रोसेसिंग यूनिट मशीन लगाई थी। अबतक चार यूनिट मशीन उन्होंने लगवाई है। उन्होंने बताया कि खस के तेल बनाए जाते हैं।एक एकड़ खेती का खर्च लगभग 1लाख रुपये आता है। प्रति एकड़ 15 से 20किलो तेल निकलता है। खस के तेल प्रति किलो 15 से 16 हजार रुपए में सामान्यतः बिकते हैं। कभी कभार रेट में चढ़ाव के साथ यह 27 से 30हज़ार रुपये तक के भाव भी बिके हैं। उन्होंने बताया कि खस उत्पादन के बाद वे तेल खुद से बनाते हैं। प्रोसेसिंग यूनिट आग से संचालित होता है। नीचे से चूल्हे की तरह आंच जलाया जाता है और ऊपर ड्रम के माध्यम से तेल बनकर तैयार होता है।यह फिल्टर होने के साथ हीं भंडारित होता रहता है। तेल की बिक्री के लिए अन्य प्रदेशों में उन्होंने संबंधित कंपनियों से कांटेक्ट कर रखी है।

उन्होंने बताया कि लागत की दोगुना-तेगुना आमदनी खस की खेती से पाया जाना संभव है। उनके देखा देखी आसपास के किसानों ने भी खस की खेती शुरू की है। रत्नेश बताते हैं कि शुरुआती साल में ख़स की खेती को लेकर लोग ताना मारते थे, लेकिन बाद के दिनों में इसका उत्पादन और उसके फायदे से लोग प्रभावित होते चले गए।प्रभावित होकर अन्य किसानों ने भी इसकी खेती शुरू की है। उन्होंने बताया कि खस के आयुर्वेदिक उपयोग हैं। इससे साबुन ,सुगंधित तेल,इत्र परफ्यूम आदि कई प्राकृतिक उत्पाद बनाए जाते हैं। यह आयुर्वेदिक प्रोडक्ट होता है। लिहाजा ख़स की खुशबू से न सिर्फ उनके घर-आंगन बल्कि आसपास का इलाका भी महकता रहता है।