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स्पॉट : खगेश्वरनाथ मंदिर का नए स्वरूप में निर्माण कार्य जारी,6 पिलरों का निर्माण हुआ पूरा

-खगेश्वरनाथ मंदिर का नए स्वरूप में निर्माण कार्य जारी,6 पिलरों का निर्माण हुआ पूरा।

दीपक कुमार तिवारी। पटना/मुजफ्फरपुर।

बिहार के मुजफ्फरपुर,समस्तीपुर एवं दरभंगा जिला के बॉर्डर क्षेत्र के इलाके में स्थित अतिप्राचीन बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर,मतलुपुर के विश्व प्रसिद्ध बाबा पशुपतिनाथ मंदिर के समरूप नव निर्माण कार्य का काम प्रगति पर है।एस्टीमेट के अनुसार सभी 6 पिलरों का निर्माण मंदिर के सभी दिशाओं को मिलाकर करा लिए गए हैं। आपको बताते चलें कि पिछले महीने 20 मार्च को यहां मंदिर नव निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया गया था।भारत-नेपाल के तमाम अतिथियों के मौजूदगी में विशेष पूजा-अर्चना के बाद पहले दिन ही भंडार कोने में पहला पिलर गाड़ा गया था। जिसके बाद से लगातार यह कार्य कराए जा रहे हैं। एस्टीमेट के अनुसार यहां मंदिर निर्माण को लेकर सभी दिशाओं को मिलाकर कुल 6 पिलर गाड़ने थे। जिसे पूरा कर लिया गया है। गुरुवार को मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष पूर्व कुलपति डॉ गोपाल जी त्रिवेदी एवं निर्माण कार्य में शामिल मजदूरों ने बताया कि कुल 6 पिलर मंदिर के सभी दिशाओं को मिलाकर बनाने थे। सभी पिलर गाड़ लिए गए हैं। अब निर्माण कार्य का अगला काम जारी है।

पूर्व कुलपति डॉ गोपाल जी त्रिवेदी ने बताया कि शुभारंभ के दिन से ही लोगों का लगातार सहयोग मिल रहा है। भारत-नेपाल के आम नागरिकों के अलावा विभिन्न समुदायों एवं विविध क्षेत्रों के आम एवं खास लोगों सहित मंदिर आने जाने वाले तमाम श्रद्धालुओं का सहयोग मिल रहा है। लोग बढ़-चढ़कर मंदिर निर्माण में सहयोग दे रहे हैं।उन्होंने बताया कि बहुत लोगों के जीवन में पहला मौका है, जब अपने नजरों के सामने किसी ऐतिहासिक एवं अति प्राचीन मंदिर के निर्माण कार्य को अपनी आंखों से देख पा रहे हैं तथा उसमें सहयोग करने का मौका मिल रहा है।लिहाजा लोगों में खूब उत्साह है और लोग बढ़-चढ़कर निर्माण कार्य में विभिन्न तरीकों से सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग जैसे सहयोग करना चाह रहे हैं। उनसे वैसा सहयोग लिया जा रहा है।

आपको बता दें कि यहां मंदिर निर्माण कार्य विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के समरूप कराया जा रहा है। मंदिर निर्माण कार्य के प्रारूपों का डिजाइन भारत-नेपाल के अभियंताओं की संयुक्त टीम के द्वारा किया गया है। निर्माण को लेकर भारत-नेपाल के विभिन्न स्तर के अधिकारियों जनप्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं सहित क्षेत्रीय श्रद्धालुओं का परस्पर सहयोग मिल रहा है।सभी के सहयोग से मंदिर निर्माण कार्य की परिकल्पना पर लगातार कार्य किया जा रहा है। संभावना जताया जा रहा है कि निर्माण कार्य यदि इस तरीके से चलता रहे तो तकरीबन साल भर में यह मंदिर नए स्वरूप में बनकर तैयार हो जाएगा।