-सीडीपीओ कार्यालय में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर जागरूकता शिविर, महिलाओं को दी गई कानूनी जानकारी
राजापाकर, संजय श्रीवास्तव।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार हाजीपुर वैशाली से प्राप्त निर्देश के आलोक में राजापाकर प्रखंड स्थित सीडीपीओ कार्यालय में बाल विवाह के संदर्भ में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मंजू रानी ने की।
शिविर का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों के प्रति महिलाओं एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं को जागरूक करना तथा उन्हें कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और सेविकाओं ने भाग लिया।
विधिक सेवक पंकज कुमार ने उपस्थित महिलाओं को प्रशिक्षण देते हुए बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत संबंधित विभाग को जानकारी दें तथा 1098 या 15100 पर संपर्क कर इसे रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि बाल विवाह कराने वाले अभिभावकों, पंडितों या अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित रहीं। महिला पर्यवेक्षिका रुबी कुमारी, रीता कुमारी एवं पूनम कुमारी ने भी अपने विचार रखते हुए बाल विवाह रोकथाम में सेविकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। प्रखंड समन्वयक पंकज कुमार एवं कार्यपालक सहायक राम प्रकाश कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से कार्यक्रम प्रभावी रहा।
अंत में सभी महिलाओं से अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और समाज को इस कुरीति से मुक्त करने में सक्रिय योगदान देने की अपील की गई। यह जागरूकता शिविर सामाजिक सुधार की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।












