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श्रीलंका में चक्रवात ‘दितवाह’ की तबाही: 212 की मौत, 218 लापता; भारत ने शुरू किया ऑपरेशन ‘सागर बंधु’

-श्रीलंका में चक्रवात ‘दितवाह’ की तबाही: 212 की मौत, 218 लापता; भारत ने शुरू किया ऑपरेशन ‘सागर बंधु’

एजेंसी।

श्रीलंका इस वक्त इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक से जूझ रहा है। चक्रवात ‘दितवाह’ के कारण आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश में भारी तबाही मचा दी है।
श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार गुरुवार से अब तक 212 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 218 लोग अब भी लापता हैं। आपदा से करीब 9.98 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

सड़कों पर मलबा, गांवों का संपर्क टूटा:

चक्रवात के कारण हुए भूस्खलन ने कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है।
हालांकि चक्रवात श्रीलंका से आगे बढ़ गया है, लेकिन बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। कई स्थानों पर पानी कम होने के बाद विनाश का वास्तविक स्वरूप सामने आ रहा है — तबाह घर, बह चुके गांव और मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, युद्धस्तर पर बचाव कार्य:

आपदा की भयावहता को देखते हुए भारत ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए तत्काल सहायता भेजी है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और भारतीय वायुसेना की टीमें श्रीलंका में राहत और बचाव के लिए युद्धस्तर पर तैनात हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि ऑपरेशन “सागर बंधु” के तहत NDRF के 80 विशेषज्ञों की दो टीमें श्रीलंका पहुंच चुकी हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।

आपातकाल की घोषणा, अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील:

चक्रवात से हुई भारी तबाही को देखते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। उन्होंने दुनिया भर के देशों से राहत और पुनर्वास के लिए सहायता की अपील भी की है।

2017 और 2003 के बाद सबसे भीषण आपदा:

श्रीलंका में इससे पहले 2017 में भीषण बाढ़ आई थी जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
जबकि 2003 की विनाशकारी बाढ़ में 254 लोगों की जान गई थी।
चक्रवात ‘दितवाह’ ने एक बार फिर वैसी ही दहशत और विनाश का मंजर पैदा कर दिया है।