-मुजफ्फरपुर में VPRP पर जिला संसाधन सेवियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
मुजफ्फरपुर। गांव समृद्धि एवं क्षमतावर्धन योजना (VPRP) को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिले के 40 जिला संसाधन सेवियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डीपीएम अनिशा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण में प्रखंड स्तर के सामुदायिक समन्वयक, क्षेत्रीय समन्वयक, एमआईएस एवं आईटी एक्सपर्ट, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ और प्रखंड परियोजना प्रबंधकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रबंधक आईबीसीबी रितेश कुमार, प्रदान से सालवी कुमारी और प्रबंधक सामाजिक विकास मसरूर अहमद ने VPRP के उद्देश्य, प्रक्रिया और ग्राम पंचायत स्तर पर योजना निर्माण में इसकी भूमिका की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि VPRP का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आवश्यकताओं, आजीविका के अवसरों, सामाजिक सुरक्षा, सरकारी योजनाओं तक पहुंच और ग्राम स्तर की विकास संबंधी जरूरतों को चिन्हित कर सहभागी एवं समेकित योजना के रूप में आगे बढ़ाना है।
प्रशिक्षकों ने कहा कि योजना निर्माण की पूरी प्रक्रिया में जीविका की समुदाय आधारित संस्थाओं, विशेषकर जीविका संकुल संघ से जुड़ी दीदियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। संसाधन सेवियों से गांवों में परिवारों की वास्तविक जरूरतों को समझकर हकदारी, आजीविका संवर्धन, सामाजिक वस्तुओं एवं सेवाओं, संसाधन विकास और सामाजिक विकास से जुड़ी योजनाओं को ऐप के माध्यम से तैयार करने को कहा गया।

तैयार योजनाओं को आगामी 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा में पारित कराकर ग्राम पंचायत विकास प्लान में शामिल किया जाना है। प्रशिक्षण में संसाधन सेवियों को समुदाय की सहभागिता, जरूरत एवं संसाधनों की पहचान, योजना निर्माण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ अभिसरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
डीपीएम अनिशा ने कहा कि VPRP केवल योजना तैयार करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समुदाय को अपनी प्राथमिकताएं स्वयं तय करने और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र एवं सतत विकास के लिए जमीनी स्तर पर सही जरूरतों की पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। VPRP के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की जरूरतों और आकांक्षाओं को योजनाबद्ध तरीके से संबंधित सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उन्होंने संसाधन सेवियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और गुणवत्तापूर्ण ग्राम विकास योजनाओं के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य संसाधन सेवियों की क्षमता का विकास करते हुए ग्राम स्तर पर गुणवत्तापूर्ण, सहभागी और प्रभावी VPRP तैयार कराना है।
कार्यक्रम में संचार प्रबंधक राजीव रंजन, बीपीएम राकेश कुमार, सुधीर कुमार, इंद्रजीत कुमार, कृतिका कुमारी, सुनील कुमार, महावीर राय, प्रज्ञा कुमारी, प्रगति कुमारी सहित अन्य सामुदायिक समन्वयक मौजूद रहे।












