–मुजफ्फरपुर में “सोलर लोन मेला” सफल, जिलाधिकारी ने बैंकों को दिए सख्त निर्देश
मुजफ्फरपुर,
23 मार्च 2026
सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट में “सोलर लोन मेला” का भव्य आयोजन किया गया। मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम एवं अधीक्षण अभियंता विद्युत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस मेले में 15 बैंकों, 12 अधिकृत सोलर वेंडरों तथा बड़ी संख्या में आवेदकों समेत 500 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी जटिलताओं को मौके पर ही दूर करना तथा लाभार्थियों को सहज, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं एवं जानकारी उपलब्ध कराना था। साथ ही उपभोक्ता वेंडर एवं बैंकों का एक संयुक्त मंच प्रदान करना है ताकि योजना का त्वरित प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हो ।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण मेला में लाभार्थियों, बैंकों और वेंडर के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे कई लंबित मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इस पहल के परिणामस्वरूप लगभग 150 ऋण संबंधी शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया, जो इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। साथ ही, उपभोक्ताओं को योजना की प्रक्रिया, पात्रता, सब्सिडी एवं तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे उनकी जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने मेले में बैंकवार लंबित आवेदनों, अस्वीकृत मामलों तथा उनके कारणों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी बैंक लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाएं और अनावश्यक देरी से बचें। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शाखा में एक समर्पित अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो विशेष रूप से सोलर लोन से संबंधित मामलों का निपटारा करे। इससे उपभोक्ताओं और वेंडरों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों में एक सशक्त शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाय, ताकि आवेदकों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अलावा, जिलाधिकारी ने बैंकों को लोन स्वीकृति प्रक्रिया में “लचीला दृष्टिकोण” अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ताओं को अनावश्यक तकनीकी कारणों से वंचित न किया जाए और सभी योग्य आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लोन स्वीकृति के बाद भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि सोलर प्लांट का अधिष्ठापन समय पर हो सके और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को शीघ्र लाभ मिले तथा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
ज्ञातव्य हो कि जिले में अब तक कुल 3911 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 1008 सोलर प्लांट का सफलतापूर्वक अधिष्ठापन किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि योजना के प्रति लोगों में तेजी से रुचि बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी हितधारकों और बैंकों को समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्वीकृत आवेदनों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई हो। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए और प्रगति की समीक्षा की जाए। साथ ही, वेंडरों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सोलर प्लांट के अधिष्ठापन प्रक्रिया को और अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाए।
कार्यक्रम के दौरान वेंडरों और उपभोक्ताओं ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव जिला पदाधिकारी के समक्ष रखे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि इस तरह के मेले से उन्हें न केवल जानकारी मिली, बल्कि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान भी हुआ, जिससे उनका विश्वास बढ़ा है।
कुल मिलाकर, “सोलर लोन मेला” न केवल ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हुआ, बल्कि इसने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए स्पष्ट और सख्त निर्देशों से आने वाले समय में योजना का क्रियान्वयन और अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख होगा, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिल सकेगा।











