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महावीरी झंडा व जगदेव आंखड़ा में कुश्ती का हुआ आयोजन

-महावीरी झंडा व जगदेव आंखड़ा में कुश्ती का हुआ आयोजन

– सौ जोड़ी पहलवानों के बीच हुई कुश्ती, 1940 से होती आ रहा है दुबे टोला में झंडा व दंगल प्रतियोगिता

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

करीब साठ दशक से भी ज्यादा से मशहूर जिले के संग्रामपुर प्रखंड स्थित दूबे टोला में होने वाली महावीरी झंडा के अवसर पर कुश्ती प्रतियोगिता का आज भी जलवा कायम है। जहां स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त पहलवान सावन मास के नागपंचमी के अवसर होने वाले दंगल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए चार पांच दिन पूर्व ही पहुंच कर पूर्वाभ्यास शुरू कर देते हैं। इसी क्रम में हर साल की भांति नाग पंचमी के अवसर पर उत्तरी मधुबनी पंचायत स्थित दूबे टोला गांव में महावीरी झंडा व कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसका शुभारंभ दूबे टोला के हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना के साथ हुआ। महावीरी झंडा का जुलूस बाजे गाजे  के साथ आंखड़ा स्थल पहुंचा। जहां जगदेव आंखड़ा में दंगल प्रतियोगिता का पूर्व मुखिया प्रतिनिधि रविशंकर द्विवेदी व समाजसेवी सुरेंद्र दुबे ने संयुक्त रूप से दो पहलवानो के बीच हाथ मिलाकर किया।

जहां उत्तराखंड से ओलम्पिक में कुश्ती में गोल्ड मेडल जितने वाले शिवम पहलवान व दिल्ली के राहुल पहलवान के बीच जबरदस्त कुश्ती हुई। जिसमें दोनो की जोड़ी बराबरी पर समाप्त हो गई। बनारस के काशी पहलवान व दिलावर पहलवान जौनपुर की कुश्ती में आंख पर कपड़ा का पट्टी बांध कर काशी पहलवान ने दिलावर पहलवान को जोरदार पटकनी दी। जबरदस्त लड़ाई करते हुए मोतिहारी पटपड़िया के पहलवान सूरज सिंह ने बगहा के सत्यम पहलवान को पटकनी दी। कुश्ती में यूपी ,हरियाणा, उत्तराखंड व बिहार,पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल के कई पहलवानों का जोड़ी नहीं मिलने के चलते उन्हें कुश्ती में भाग लेने का मौका ही नहीं मिला। आयोजन समिति के संयोजक सह शिक्षाविद राकेश द्विवेदी ने बताया कि 1940 से महावीरी झंडा व कुश्ती होते आ रही हैं। कुश्ती की कमेंट्री चुन्नू पहलवान जबकि रेफरी वाजिद आलम थे। मेला को सफल बनाने में मुकेश दुबे, हिटलर दूबे, सुधाकर द्विवेदी दुबे उर्फ पहलवान, हिमांशु द्विवेदी, रामेश्वर दूबे, अनिल दूबे आदि ग्रामीण लगे हुए थे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस टीम मौजूद थी।