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मदरसा बिल के खिलाफ जनकपुरधाम सहित पूरे मधेश प्रदेश में उग्र प्रदर्शन

-मदरसा बिल के खिलाफ जनकपुरधाम सहित पूरे मधेश प्रदेश में उग्र प्रदर्शन

-मुख्यमंत्री सरोज कुमार यादव का पुतला फूंका

जनकपुरधाम। मिश्री लाल मधुकर।

मधेश प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक माहौल शुक्रवार को बेहद तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री सरोज कुमार यादव द्वारा प्रदेश सभा में मदरसा बिल पारित करने संबंधी घोषणा के बाद जनकपुरधाम सहित पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शनों की लहर दौड़ पड़ी।

विश्व हिन्दू परिषद नेपाल, नेपाल हिन्दू स्वयंसेवक संघ, नेपाल हिन्दू सेना और कई अन्य संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर कायर (कूड़ा) जलाकर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी रही।

हिन्दू संगठनों ने मदरसा बिल को तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। नेपाल जनता पार्टी के प्रवक्ता संतोषानंद जी महाराज, विश्व हिन्दू परिषद नेपाल धनुषा के अध्यक्ष संतोष कुमार साह सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) को ज्ञापन सौंपकर इस बिल की तुरंत वापसी की मांग की।

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विरोध जताने वालों का आरोप है कि—

प्रदेश में 90% हिन्दू आबादी होने के बावजूद गुरुकुलों को उचित जगह और सुविधाएँ नहीं मिलतीं।

वहीं प्रस्तावित बिल में मदरसा के लिए आधुनिक भवन,

और मौलवियों को सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन देने का प्रावधान बताया जा रहा है,
जिसे उन्होंने अनुचित और असंतुलित करार दिया है।

इस बीच, राजनीतिक संकट भी गहराया है। मुख्यमंत्री सरोज कुमार यादव सदन में बहुमत सिद्ध करने में विफल रहे, जिसके चलते उन्हें आज ही इस्तीफा देना पड़ा है। इस राजनीतिक अस्थिरता और मदरसा बिल को लेकर बढ़ते विरोध के बीच प्रदेश की परिस्थिति और भी जटिल होती जा रही है।