-भीषण गर्मी में चदरा की तपन से परेशान हो रहे हाई स्कूल के बच्चे
-गर्मी आपदा में पढ़ते दिखे सर्पदंश आपदा में बचने और इलाज के तरकीब
-बेबसी और लाचारी वाले यह हाईस्कूल सह उत्क्रमित इंटर कॉलेज हैं बन्दरा प्रखण्ड क्षेत्र के
मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।
प्रखंड के तेपरी हाई स्कूल सह उत्क्रमित इंटर कॉलेज के छात्र- छात्राओं के बीच सुरक्षित शनिवार के अंतर्गत शनिवार को सर्पदंश से बचाव को लेकर प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान बच्चों को बताया गया कि सर्पदंश की घटना कैसे हो सकती है और ऐसी आपदा की स्थिति में इसके बचाव के क्या तरीके हैं।वैसे स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए। वही भीषण गर्मी के बीच तेपरी हाई स्कूल के जिस क्लास में बच्चों को यह प्रशिक्षण क्लास विद्यालय के शिक्षक के द्वारा दिए जा रहे थे। उस क्लास के ऊपर छत के बदले टिन के चदरा लगे हुए हैं। बिजली पंखे जरूर लगे थे,लेकिन किसी कारण से चल नहीं रहे थे और यह परेशानी किसी एक दिन की नहीं है। बच्चों का बताना है कि रोजाना दैनिक क्लास इसी क्लास में होते हैं, क्योंकि शिक्षक से लेकर छात्रों के बैठने तक सभी जगह, सभी कक्षों में एवं कार्यालय में चदरा ही लगा हुआ है।इस संदर्भ में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहन मल्लिक ने बताया कि यह स्थिति काफी पहले से है। पहले अत्यंत जर्जर खपरैल भवन में पढ़ाई होती थी।

धूप-बरसात का पानी सीधा क्लास में आता था। हाल के महीनों में विद्यालय भवन का जीर्णोद्धार कराया गया है। खपरैल के बदले में टीना का चदरा डाले गए हैं,बिजली चालित पंखे लगाए गए हैं, लेकिन तेज गर्मी में यह तपने की वजह से गर्मी ज्यादा परेशान करती है। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन निर्माण को लेकर विभाग को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। अब तक इस आलोक में कोई कार्रवाई नहीं हो सके हैं, लिहाजा चदरा वाले भवन में ही शिक्षक छात्रों को बैठने और शैक्षणिक क्लास करने की मजबूरी है।जबकि यह हाई स्कूल क्षेत्र में काफी पुरानी है।












