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भाई अपनी कलाई से कब उतार सकते हैं राखी, जानें इसे भी..

-भाई अपनी कलाई से कब उतार सकते हैं राखी, जान लें इससे जुड़े नियम

 

नई दिल्ली।सम्वाददाता।

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता को दर्शाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। इस वर्ष रक्षाबंधन के दिन पंचक और भद्रा काल का निर्माण हो रहा है। इसलिए रक्षाबंधन का पर्व दो दिन यानी 30 अगस्त और 31 अगस्त को मनाया जाएगा।
शास्त्रों में राखी के उतारने के लिए कोई निश्चित दिन या समय निर्धारित नहीं है। रक्षाबंधन के 24 घंटे के बाद आप राखी उतार सकते हैं। राखी को पूरे अपनी कलाई पर नहीं बांधना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो दोष लग सकता है। राखी के कुछ दिनों बाद पितृपक्ष शुरू हो जाते हैं ऐसे में यदि आप राखी पहने रखते हैं तो वह अशुद्ध मानी जाती है। इसलिए रक्षाबंधन के 24 घंटो के अंदर ही राखी उतार देनी चाहिए, वरना अशुद्धता के कारण नकारात्मकता पैदा हो सकती है।


राखी को खोलने के बाद इधर-उधर न रखा छोड़ें, बल्कि इसका विसर्जन कर देना चाहिए। यहां विसर्जन का अर्थ है कि आप उस राखी को किसी पेड़ पर बांध सकते हैं या फिर उस राखी को सहेज कर रख सकते हैं।
अगर राखी उतारने के दौरान खंडित हो गई हो तो उसे संभालकर नहीं रखना चाहिए। खंडित राखी को किसी पेड़ के नीचे रख देना चाहिए या जल में अर्पित कर देना चाहिए। ऐसा करते समय उसके साथ एक रुपए का सिक्का भी रख दें या प्रवाहित कर दें।