*बिहार में बड़े निवेशकों के लिए लैंड बैंक की तैयारी, जल्द शुरू होगा जमीन अधिग्रहण*
*पटना :-* बिहार सरकार ने राज्य में बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक बड़े भूमि बैंक (लैंड बैंक) की स्थापना की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और औद्योगिक विकास को गति देना है। फिलहाल बिहार में निवेश योग्य भूमि की कमी के कारण निवेशकों को भूमि प्राप्त करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने कुछ प्रमुख कदम उठाने का निर्णय लिया है।
*1. वर्तमान लैंड बैंक की स्थिति*
राज्य के निवेश योग्य भूमि बैंक में इस समय लगभग 1500 एकड़ जमीन ही शेष है। हालांकि, औद्योगिक निवेश के लिए यह काफी नहीं है। बड़ी परियोजनाओं को आकर्षित करने और उन्हें व्यवस्थित करने के लिए राज्य को बड़े भूखंडों की जरूरत है।
*2. भूमि अधिग्रहण की प्राथमिकता*
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों और बेहतर यातायात सुविधा वाले क्षेत्रों में 100 एकड़ या उससे अधिक भूमि को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इससे निवेशक बेहतर कनेक्टिविटी वाले स्थानों पर अपने उद्योगों की स्थापना कर सकेंगे। हालांकि, राज्य में इस समय 50 से 100 एकड़ के बड़े भूखंडों की उपलब्धता बेहद सीमित है, जो कि निवेशकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है।

*3. लैंड पूलिंग पर विचार*
यदि जमीन अधिग्रहण में कोई चुनौती आती है, तो सरकार लैंड पूलिंग का विकल्प भी अपनाने पर विचार कर रही है। इसके तहत, स्थानीय निवासियों की भूमि का एक पूल बनाया जाएगा, जिसे बाद में औद्योगिक विकास के लिए तैयार किया जाएगा। लैंड पूलिंग से सरकार को बड़े भूखंडों की व्यवस्था करने में आसानी होगी, जिससे औद्योगिक निवेशकों को सुविधाजनक ढंग से भूमि उपलब्ध कराई जा सकेगी।
*4. बड़े उद्योगों के लिए विशेष भूमि क्षेत्र*
राज्य सरकार ने तय किया है कि जिन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की संभावना अधिक है, उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ बड़े भूखंड बनाए जाएंगे। सरकार चाहती है कि इन क्षेत्रों में बड़े उद्योगों की स्थापना हो ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलें और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिले।
बिहार सरकार का यह कदम राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। भूमि अधिग्रहण और लैंड पूलिंग के माध्यम से राज्य में बड़े भूखंडों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे निवेशकों की आवश्यकताएं पूरी की जा सकेंगी।












