Advertisement

बलहा-गोढ़ियारी पुल निर्माण बना जनता की प्राथमिक मांग, हर साल बहती उम्मीदें और चचरी पुल

📍- बलहा-गोढ़ियारी पुल निर्माण बना जनता की प्राथमिक मांग, हर साल बहती उम्मीदें और चचरी पुल

मुजफ्फरपुर, बिहार।दीपक तिवारी।

गायघाट प्रखण्ड के बलहा-गोढ़ियारी क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग आज भी अधूरी है। यह पुल, जो बलहा, गोढ़ियारी, पूरानानकार, फतेहपुर, सुगाईपट्टी, सुस्ता, पागा, छतनवारा और कांटा जैसे 20 गांवों को जोड़ता है, आज भी केवल जनसुनवाई और चुनावी वादों का विषय बनकर रह गया है।

बलहा के लगभग 95% खेत गोढ़ियारी क्षेत्र में स्थित हैं, और पूरानानकार स्थित कुलदीप उच्च विद्यालय के सैकड़ों छात्र प्रतिदिन इसी रास्ते नदी पार कर स्कूल जाते हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश, आज तक इस पुल का स्थायी निर्माण नहीं हो पाया है।

हर साल ग्रामीण स्वयं चचरी पुल बनाते हैं, जो मानसून के पहले पानी में बह जाता है। यह सिर्फ पुल नहीं बहता — लोगों की मेहनत, संसाधन और उम्मीदें भी बह जाती हैं।

स्थानीय लोगों का सवाल है:
➡️ क्या यह पुल सिर्फ चुनावी घोषणा तक सीमित रहेगा?
➡️ क्या 20 गांवों की आवाज़ केवल माइक और मंच तक ही सिमट कर रह जाएगी?

वीडियो फुटेज और स्थानीय साक्ष्यों से स्पष्ट है: हर साल एक जैसी त्रासदी दोहराई जाती है, लेकिन समाधान अब तक नहीं आया।

जनता की मांग साफ़ है:
बलहा-गोढ़ियारी पुल कोई ‘विकास योजना’ नहीं, बल्कि जनजीवन की ज़रूरत है। इसे सिर्फ वादा नहीं, वास्तविकता बनाना होगा।

#बलहा_गोढ़ियारी_पुल
#स्थायी_निर्माण_अब_हो
#20_गांव_1_मांग
#जनता_की_आवाज़
#विकास_नहीं_धोखा
#बाढ़_में_हर_साल_उम्मीदें_बहती