-पुल निर्माण को लेकर रतवारा में आमरण अनशन शुरू,विधायक भी बैठे
बंदरा/मुजफ्फरपुर। दीपक तिवारी।
रतवारा-ढोली घाट पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर बुधवार से बंदरा प्रखंड के रतवारा चौक स्थित माता सिद्धिदात्री दुर्गा मंदिर परिसर में आमरण अनशन शुरू हो गया।शाम में स्थानीय राजद विधायक निरंजन राय अनशनकारियों को मनाने पहुंचे,लेकिन अनशनकारी नहीं मानें।ऐसी स्थिति में उन्होंने अनशनकारियों के साथ समर्थन एवं जनहित में अनशन पर साथ शामिल होने की घोषणा कर दी।उन्होंने कहा कि रतवारा घाट पुल निर्माण जनहित से जुड़ा मामला है।यहां निश्चित रूप से पुल बनना चाहिए। अनशन में क्षेत्र के कई गांवों के लोग शामिल हैं। नेतृत्व कर रहे हैं “रतवारा-ढोली घाट पुल बनाओ आंदोलन” के संयोजक श्याम किशोर, जिन्होंने आंदोलन को अब निर्णायक चरण में बताया है।
श्याम किशोर ने कहा, “यह आंदोलन न तो किसी दल से जुड़ा है, न ही किसी राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है। यह आंदोलन जनहित और क्षेत्रीय विकास की पुकार है। यह समय राजनीति करने का नहीं, सुंदर बंदरा बनाने का है। यह पुल हमारे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है।”

अनशन पर श्याम किशोर (महेशपुर), अवधेश कुशवाहा (मेघ रतवारा), सीताराम प्रसाद (मतलूपुर), कृष्णमोहन कन्हैया (रामपुरदयाल), अमरेश कुमार (मेघ रतवारा) और नरेश शर्मा (महेशपुर) बैठे हैं।
अनशनकारी श्याम किशोर ने एक स्पष्ट शर्त भी रखी है। उन्होंने कहा कि जैसे स्थानीय विधायक निरंजन राय ने पहले अनशन समाप्त करवाने के लिए प्रयास किया और अनशनकारियों के न मानने पर स्वयं आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की है, उसी तरह केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद डॉ. राजभूषण निषाद को भी युद्धस्तर पर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि केंद्रीय मंत्री गुरुवार सुबह 11 बजे तक मुख्यमंत्री से प्रस्तावित पुल निर्माण की घोषणा करवाएं और रतवारा अनशन स्थल पर आकर जनता एवं विधायक का अनशन तुड़वाएं।इस दौरान राजद जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता सहित जिला एवं प्रखण्ड राजद के दर्जनों नेता-कार्यकर्ता भी थे।
क्षेत्र की जनता अब इस आंदोलन को आखिरी विकल्प के रूप में देख रही है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।











