–नेपाल में बढ़ रहे धर्मांतरण पर गहरी चिंता, संस्कृति बचाने को एकजुट हों: भंडारी
जनकपुरधाम से मिश्री लाल मधुकर।
नेपाल में बढ़ रहे धर्मांतरण को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए विश्व हिन्दू परिषद नेपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम भंडारी ने समाज से जागरूक और संगठित होने का आह्वान किया।
सोमवार को गायत्री सेवा सदन में आयोजित धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भंडारी ने कहा कि पहाड़ी जिलों में चर्च तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में मस्जिद और मदरसे तेजी से बढ़ रहे हैं, जो देश की सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरे का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनजीओ के माध्यम से गरीबों को स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर धर्मांतरण कराया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अवैध घुसपैठ के कारण नेपाल की जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफी) में बदलाव की कोशिश हो रही है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है। अगर समय रहते समाज नहीं जागा तो स्थिति अन्य देशों जैसी हो सकती है।
भंडारी ने कहा कि नेपाल ऋषि-मुनियों, माता जानकी और भगवान बुद्ध की पवित्र भूमि है। इसकी सनातन परंपरा और संस्कृति को बचाना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने धर्म रक्षा और संगठन विस्तार के लिए आर्थिक सहयोग की भी अपील की।
कार्यक्रम में संगठन सचिव प्रहलाद रेग्मी ने कहा कि देश में हजारों चर्च और प्रचारक सक्रिय हैं, जबकि हिन्दू स्वयंसेवकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, फिर भी धर्मांतरण रोकने का प्रयास जारी है।
संतोष कुमार साह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में रघुनाथ साह, पवन ठाकुर, प्रभु दयाल जालान, मनोहर साह, मधु साह, विमल साह, सुनीता बहन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।














