-जनकपुरधाम में मूसलाधार बारिश से जनजीवन ठप, बाढ़ और भूस्खलन से 50 से अधिक की मौत
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर
मधेश प्रदेश सहित पूरे जनकपुरधाम में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हथिया नक्षत्र के दौरान हो रही इस भारी वर्षा के कारण शहर के अधिकांश मोहल्लों में जलजमाव हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सड़कों पर घुटने तक पानी जमा है।
प्रशासन ने हालात को देखते हुए दो दिनों के लिए सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया है। जनकपुरधाम से काठमांडू जाने वाली हवाई सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं, क्योंकि जनकपुर एयरपोर्ट परिसर में तीन फीट तक पानी भर गया है। वहीं, जनकपुर से काठमांडू और अन्य शहरों के लिए बस सेवाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।

बाढ़ ने जनकपुरधाम से बर्दीवास के बीच कई सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। कमला, कोशी, बागमती, धौस, झीम सहित प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। कोसी नदी के सभी 55 फाटक खोल दिए गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी का बहाव नियंत्रित किया जा सके।
तेज बारिश और बाढ़ के कारण खेतों में लगी धान की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं, वहीं रबी फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है। नेपाल के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। जनकपुरधाम और आसपास के इलाकों में लोगों से घरों में सुरक्षित रहने और नदी किनारे न जाने की अपील की गई है।













