-जनकपुरधाम में धूमधाम से संपन्न हुआ सीता–राम विवाह, मिथिला संस्कृति में डूबी रही पूरी नगरी
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
जनकपुरधाम में मंगलवार को सीता–राम विवाह पंचमी महोत्सव के तहत आयोजित दिव्य विवाह उत्सव ने पूरे मिथिला क्षेत्र को उल्लास और भक्ति के रंग में रंग दिया। चारों भाइयों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—का विवाह चार बहनों—सीता, उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति—से मिथिला की प्राचीन परंपराओं के अनुरूप धूमधाम से संपन्न हुआ।
विवाह की रस्में पारंपरिक गीतों की गूंज के बीच शुरू हुईं। “आजु मिथिला नगरिया निहाल हे सखी…” जैसे लोकगीतों ने पूरे परिसर में मंगलमय वातावरण बना दिया। हर घर में मंगल–बाजन की धुनें गूंज उठीं और जनकपुरधाम भक्तिमय हो गया।
जानकी मंदिर परिसर में राजा जनक की भूमिका मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास वैष्णव ने निभाई, जबकि उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास वैष्णव ने भाई के रूप में सभी विवाह विधियों को पूरा कराया। दूल्हा परीक्षण, लगन बट्टी, अठौगर, समधि मिलन समेत सभी रीति–रिवाज मिथिला परंपरा और वैदिक विधि के अनुसार सम्पन्न हुए।

विवाह पंचमी महोत्सव में मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सरोज कुमार यादव, मंत्री लखन दास, कंचन बिच्छा, भारतीय दूतावास के बाणिज्य महादूत देवी सहाय मीणा, मटियानी के उत्तराधिकारी महंत डॉ. रविन्द्र दास बैष्णव, मेयर मनोज कुमार साह, धनुषा के सीडीओ, एसपी समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायिका पूनम मिश्रा, सोनी चौधरी, कामिनी झा, और निकुंज मंजरी चंचला ने विवाह से संबंधित मधुर लोकगीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गीतों पर उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे और पूरा जनकपुरधाम “जय सिया राम” के जयकारों से गूंज उठा।
सीताराम विवाह पंचमी महोत्सव ने एक बार फिर मिथिला की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था को भव्य स्वरूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।














